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आरोप सही : जहरीले अपशिष्ट से 12 लाख की मछलियां मरीं, एफआईआर के आदेश

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Jul 11, 2026
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लैब जांच में तालाब का पानी दूषित मिला, विभागीय जांच में शिकायत सही पाई गई

उन्नाव। आसीवन क्षेत्र के एक बड़े मत्स्य पालन तालाब में जहरीला अपशिष्ट डाले जाने का मामला जांच में सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय जांच और लैब रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उससे मछली पालक को हुए नुकसान की भरपाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। घटना में करीब 12 लाख रुपये की मछलियों के मरने का अनुमान लगाया गया है। आसीवन थाना क्षेत्र के गांव आसीवन तरफ पश्चिम स्थित करीब सात बीघे का तालाब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विकसित किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच यह तालाब "गढ़ा" के नाम से जाना जाता है। यहां चरी योजना के तहत नर और मादा मछलियों का संरक्षण कर पूरे वर्ष प्रजनन कराया जाता है। यही तालाब अब जहरीले अपशिष्ट की वजह से भारी नुकसान का शिकार हो गया। मत्स्य पालक सैफुर्रहमान सफवी ने तीन जुलाई को जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर बताया था कि तालाब से सटे प्लॉट के मालिक मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह अपने प्लॉट में बाहर से जहरीला औद्योगिक अपशिष्ट मंगवाकर डंप करा रहे थे। विरोध करने के बावजूद काम नहीं रोका गया और वही अपशिष्ट तालाब तक पहुंच गया। इसके बाद तालाब का पानी दूषित हो गया, जिससे 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। रिपोर्ट में पानी में दूषित अपशिष्ट मिलने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही मत्स्य पालन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए। विभागीय जांच में भी शिकायत सही पाई गई। शुक्रवार को मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बालकिशोर दुबे ने आसीवन थाना प्रभारी को पत्र भेजकर आरोपी दिलीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मछली पालक को हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति कराने की संस्तुति की। वहीं मत्स्य पालन अधिकारी ने डीपीआरओ और एसडीएम हसनगंज को भी पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने की सिफारिश की है। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद अब पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और आर्थिक क्षति पहुंचाने से जुड़े प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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