अंतरराज्यीय लूट गिरोह का भंडाफोड़ : ट्रक चालक को घायल कर लूटे थे फ्रिज और एसी, पांच आरोपी गिरफ्तार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, May 30, 2026
सीसीटीवी, टोल रिकॉर्ड और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पुलिस पहुंची आरोपियों तक, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में दबोचा गया

उन्नाव। गोदरेज कंपनी के फ्रिज और एयर कंडीशनर से भरे कंटेनर की लूट का मामला पुलिस ने कुछ ही दिनों में सुलझाते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मुख्य आरोपी भी शामिल है, जिसे पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। कार्रवाई में लूटा गया कंटेनर, बड़ी मात्रा में फ्रिज और एसी के साथ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी। बदमाशों ने पहले कंटेनर चालक को निशाना बनाया, उसे घायल किया और फिर माल समेत वाहन लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका।
चालक पर हमला कर ले गए थे माल से भरा कंटेनर
मामला 28 मई का है। कानपुर निवासी ट्रांसपोर्टर राजेश कुमार गुप्ता ने अजगैन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी का कंटेनर ट्रक गोदरेज कंपनी के फ्रिज और स्प्लिट एसी लेकर आशाखेड़ा से कानपुर की ओर जा रहा था। रास्ते में बदमाशों ने चालक नीरज कुमार को रोककर हमला कर दिया और माल से भरा कंटेनर लूट लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और अजगैन थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने और माल बरामद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बदला गया ट्रक का नंबर, लेकिन नहीं बच सके आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने एक्सप्रेसवे और विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। बदमाशों ने कंटेनर की पहचान छिपाने के लिए उसका नंबर बदल दिया था। मूल नंबर की जगह दूसरे नंबर की प्लेट लगाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। हालांकि तकनीकी जांच में यह चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी। पुलिस ने उन मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया जो घटना के समय और बाद में कंटेनर के साथ लगातार मूव कर रहे थे। सर्विलांस से मिले इनपुट ने जांच को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की दिशा में मोड़ दिया।
कुशीनगर के ढाबे से खुली पूरी साजिश
मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम कुशीनगर जिले के कसया कस्बे पहुंची। यहां एक ढाबे के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की और चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सामने आया कि लूटे गए सामान को अलग-अलग स्थानों पर खपाने की तैयारी थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फ्रिज की खेप का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय बाजार में बेच दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स नामक दुकान पर छापा मारा, जहां से बड़ी संख्या में फ्रिज बरामद हुए। पुलिस के अनुसार दुकान संचालक ने बिना वैध दस्तावेजों के सामान खरीद लिया था। कुछ फ्रिज पहले ही अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए थे, जिनकी तलाश जारी है।
बिहार से मिला लूटा गया कंटेनर
पूछताछ के बाद पुलिस टीम बिहार के मोतिहारी जिले तक पहुंची। यहां सुगौली क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के पास खड़ा लूटा गया कंटेनर बरामद कर लिया गया। इससे स्पष्ट हो गया कि गिरोह वारदात के बाद माल को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर बेचने की योजना पर काम कर रहा था। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो पूरा माल विभिन्न बाजारों में खपाया जा सकता था और बरामदगी मुश्किल हो जाती।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में ढाबा संचालक विवेक मिश्रा, विकास वाल्मीकि, राजू उर्फ बलिराम सिंह, रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक अविनाश सिंह समेत कुल चार लोगों को पहले गिरफ्तार किया। इनके बयान और निशानदेही के आधार पर गिरोह के सरगना छोट्टन चौधरी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
नवाबगंज में मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी छोट्टन चौधरी नवाबगंज क्षेत्र में किसी नई वारदात की तैयारी में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सामने गुरुद्वारा रोड पर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक खुद को घिरा देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
127 बॉक्स बरामद, बाकी सामान की तलाश जारी
पुलिस कार्रवाई के दौरान अब तक लूटा गया कंटेनर, 47 फ्रिज और 40 स्प्लिट एसी बरामद किए जा चुके हैं। बरामद सामान गोदरेज कंपनी का बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार कुल 127 बॉक्स पुलिस के कब्जे में आए हैं। कुछ फ्रिज ऐसे लोगों को बेचे जाने की बात सामने आई है जिनकी पहचान की जा रही है। पुलिस शेष सामान की बरामदगी के लिए भी लगातार कार्रवाई कर रही है।
तकनीक बनी पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
पूरे मामले में पुलिस की सफलता का सबसे बड़ा आधार तकनीकी जांच रही। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन की लोकेशन और सर्विलांस डेटा को जोड़कर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों की पूरी कड़ी तैयार की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों ने वाहन का नंबर बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश की थी, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों ने उनकी पूरी योजना को नाकाम कर दिया।
एक लाख रुपये का इनाम करेगी पुलिस टीम का सम्मान
घटना के खुलासे के बाद पुलिस टीम को पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है। शुरुआत में इस मामले के सफल अनावरण पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में इसकी राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। अंततः अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन ने पुरस्कार राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी। यह पूरी राशि मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दी जाएगी।
अभी तक नहीं मिला आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में एक दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ फिलहाल किसी पुराने आपराधिक मुकदमे का रिकॉर्ड नहीं मिला है। स्थानीय थानों और सीसीटीएनएस पोर्टल पर जांच के दौरान इनके नाम से कोई गंभीर आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं यह गिरोह पहले भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। समय रहते माल की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी से न केवल करोड़ों रुपये के सामान को बचाया गया, बल्कि मालवाहक वाहनों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के एक पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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