समीक्षा बैठक में फूटा डीएम का गुस्सा : सीएचओ और आशा कर्मी की सेवा समाप्त करने के निर्देश
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Jul 31, 2026
डीएम बोले, लक्ष्य पूरे करें वरना कार्रवाई को तैयार रहें
आयुष्मान कार्ड, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और एंबुलेंस व्यवस्था सुधारने की दी हिदायत
उन्नाव। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और कमजोर कार्यप्रणाली पर शुक्रवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीना का सख्त रुख देखने को मिला। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही और जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एक आशा कर्मी के लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने का मामला सामने आने पर दोनों को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए।समीक्षा में पता चला कि बिछिया ब्लॉक के धूरकेत उपकेंद्र पर तैनात सीएचओ शिवांगी सिंह और डीह उपकेंद्र की आशा कर्मी शैल सिंह कई महीनों से बिना सूचना के ड्यूटी से गायब थीं। विभाग की ओर से कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद दोनों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में नवाबगंज और हसनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सभी मानकों में जल्द सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा तक स्थिति में बदलाव नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आशा और आशा संगिनी की भूमिका पर नियमित निगरानी रखी जाए। यदि किसी स्तर पर निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए मिलीभगत की शिकायत मिलती है तो तत्काल जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और इसकी जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने पात्र लाभार्थियों के अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि आशा और आशा संगिनी का मानदेय हर महीने की 10 तारीख तक हर हाल में भुगतान किया जाए। उन्होंने एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम में सुधार लाने और जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में डीएम ने घर-घर सर्वे कर खांसी, जुकाम, मलेरिया, हैजा और टाइफाइड जैसे रोगों के संभावित मरीजों की समय पर पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण पूरा कराया जाए, ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने दोहराया कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें, चिकित्सक नियमित रूप से ड्यूटी करें और मरीजों को बेहतर इलाज मिले। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जेआर सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन