लोकनगर की सड़क पर फिर अटका काम : विधायक के पत्र के बाद एनओसी पर छिड़ी नई बहस
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Jul 14, 2026
प्रदर्शन के बाद डीएम को लिखा पत्र, पालिकाध्यक्ष बोली, 2 जुलाई को ही दे चुके हैं अनापत्ति प्रमाणपत्र

जिम्मेदारी को लेकर विभागों के अलग-अलग दावे
उन्नाव। लोकनगर से कब्बाखेड़ा को जोड़ने वाली करीब 200 मीटर लंबी जर्जर सड़क का निर्माण एक बार फिर विभागीय उलझन में फंसता नजर आ रहा है। शनिवार को स्थानीय लोगों के प्रदर्शन और सदर विधायक पंकज गुप्ता के मौके पर पहुंचकर जल्द काम शुरू कराने के आश्वासन के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। विधायक ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नगर पालिका से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी कराने की मांग की है, ताकि सड़क का निर्माण किसी अन्य विभाग या उपलब्ध मद से कराया जा सके। हालांकि नगर पालिका ने दावा किया है कि वह एनओसी पहले ही जारी कर चुकी है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब एनओसी उपलब्ध है तो निर्माण कार्य अब तक शुरू क्यों नहीं हो सका। लोकनगर की यह सड़क पिछले लंबे समय से बदहाल पड़ी है। बरसात में सड़क पर जलभराव होने से गहरे गड्ढे नजर नहीं आते और आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग आसपास के कई मोहल्लों को जोड़ता है और प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी से नाराज लोगों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। वार्ड सभासद पंकज लोधी के नेतृत्व में 50 से अधिक लोगों ने सड़क पर भरे पानी के बीच बैठकर प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना पर सदर विधायक पंकज गुप्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि सोमवार या मंगलवार से सड़क निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद विधायक ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है और इसका निर्माण जनहित में जल्द कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका की योजना से कार्य संभव नहीं हो पा रहा है तो एनओसी जारी कर अन्य योजना या उपलब्ध बजट से सड़क बनवाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने विधायक के पत्र के बाद अलग दावा किया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की ओर से 2 जुलाई को ही अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है। सड़क का निर्माण किसी भी सक्षम विभाग या उपलब्ध मद से कराया जा सकता है। ऐसे में अब निर्माण कार्य शुरू कराने में एनओसी कोई बाधा नहीं है। इस पूरे मामले में पहले भी विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर भ्रम की स्थिति सामने आ चुकी है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा 'भानू' ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सड़क को लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी बताया था और कहा था कि पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से क्षेत्र के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके जवाब में लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया कि रायबरेली-बिलग्राम मार्ग से जुड़े पुराने सफीपुर मार्ग का 1.80 किलोमीटर तक चौड़ीकरण फरवरी 2026 में कराया जा चुका है, लेकिन उसके आगे का हिस्सा विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। विभाग ने यह भी कहा कि जिस 200 मीटर सड़क की बात हो रही है, वह उसकी सीमा से बाहर है। अब जबकि विधायक की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है और नगर पालिका भी एनओसी जारी होने का दावा कर रही है, ऐसे में लोगों की नजर जिला प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है। सभासद ओंमेंद्र पंकज लोधी और क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभागीय पत्राचार और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अब काफी लंबी हो चुकी है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, इसलिए प्रशासन को तत्काल समन्वय बनाकर निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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