लॉरेंस गैंग की धमकी निकली फर्जी : जमीन बेचने वाला ही निकला साजिशकर्ता; जीजा-साला गिरफ्तार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Aug 16, 2026
साले को पंजाब से फोन कराकर किसान ने दिलवाई थी धमकी, जमीन वापस लेने का बना रहा था दबाव
उन्नाव। नवाबगंज कस्बे में ई-रिक्शा एजेंसी संचालक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच में चौंकाने वाली कहानी सामने आई। जिस धमकी को गैंग से जोड़कर देखा जा रहा था, उसके पीछे जमीन का विवाद निकला। पुलिस के मुताबिक, जमीन बेचने वाले किसान ने ही अपने साले को धमकी देने के लिए तैयार किया था। साला उस समय पंजाब में था और वहीं से एजेंसी संचालक के व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर डराने का काम कर रहा था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद किसान और उसके साले को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
बैनामा के बाद शुरू हुआ दबाव
नवाबगंज कस्बा निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह ई-रिक्शा एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने नौ अगस्त को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से लगातार वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी जा रही हैं। मैसेज में उन्हें और उनके भाई समेत चार लोगों को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। धमकी देने वाला खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता रहा था। साथ ही जिस जमीन का बैनामा कराया गया था, उसे वापस करने का दबाव बनाया जा रहा था। धमकी भरे संदेशों के बाद मामला गंभीर होने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
नंबर की जांच हुई तो खुला राज
पुलिस ने धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और दूसरे तकनीकी साक्ष्य खंगाले। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि धमकी किसी गैंग के सदस्य ने नहीं, बल्कि माखी थाना क्षेत्र के हुलासखेड़ा गांव निवासी किसान राजेंद्र के साले शिवनंदन ने दी थी। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र ने ही अपने साले से एजेंसी संचालक को डराने के लिए कहा था। शिवनंदन उस समय पंजाब में था। वहीं से उसने व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और जमीन वापस न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
जमीन वापस कराने के लिए रचा पूरा खेल
जांच में यह भी सामने आया कि जमीन का बैनामा होने के बाद उसे लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि जमीन बेचने वाले राजेंद्र ने दबाव बनाने के लिए सीधे धमकी देने के बजाय अपने साले का सहारा लिया। धमकी में बड़े गैंग का नाम इस्तेमाल किया गया, ताकि एजेंसी संचालक और उसके परिवार में डर पैदा हो और जमीन वापस करने का दबाव बनाया जा सके।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस बोली, साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच में धमकी देने वाले की पहचान शिवनंदन के रूप में हुई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके जीजा राजेंद्र की भूमिका भी सामने आई। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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