Mon 14 Sep 2026

ब्रेकिंग

गणपति को नमन कर लिया आशीर्वाद

मजदूर की डूबकर मौत

खुला नौकरी के नाम पर ठगी का मामला

पहलवानों ने दिखाए दांव-पेच

मदद के साथ बढ़ाया लोगों का भरोसा

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

डिप्टी सीएम के निर्देश पर कार्रवाई : 3.85 करोड़ की गड़बड़ी में तत्कालीन डीडीओ संजय पांडेय निलंबित

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Jul 24, 2026
Post views : 114


एनआरएलएम में स्वयं सहायता समूहों के नाम पर जारी रकम में खेल का आरोप

उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में स्वयं सहायता समूहों के गठन और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जारी 3.85 करोड़ रुपये की रकम में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्नाव में उपायुक्त स्वत: रोजगार और तत्कालीन जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) के पद पर रहे संजय पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। संजय पांडेय इस समय मनरेगा में संयुक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे। शासन के आदेश के अनुसार, उन्नाव में तैनाती के दौरान एनआरएलएम से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के साथ ही मनरेगा और लोकपालों से जुड़े मामलों में भी उचित पर्यवेक्षण नहीं करने का आरोप है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।

लोकपालों के कार्यकाल को लेकर भी उठे सवाल

शासन की ओर से जारी आदेश में आरोप लगाया गया है कि लोकपालों का कार्यकाल 15 मार्च 2026 को पूरा होने के बाद उनके कार्यकाल के विस्तार से संबंधित कोई प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया। इसके अलावा भारत सरकार के निर्देशों और शासनादेशों का पालन नहीं करने तथा मनरेगा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रभावी निगरानी नहीं रखने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत संजय पांडेय के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी लखनऊ मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

महिलाओं के समूह बनाने के लिए आया था बजट

मामला वित्तीय वर्ष 2023-24 का है। शासन की योजना के तहत जिले में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और नए समूह गठित करने का अभियान चलाया गया था। महिलाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देने की भी योजना थी। 18 अप्रैल 2023 से 30 जून 2023 तक चले अभियान में 3,558 स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए करीब 3.85 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। शासन की ओर से प्रत्येक समूह के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई थी।आरोप है कि समूहों को मिलने वाली रकम का इस्तेमाल तय प्रक्रिया के अनुसार करने के बजाय निजी वेंडरों और कानपुर, उन्नाव व चित्रकूट की कुछ चहेती फर्मों के खातों में बजट भेज दिया गया। इसी को लेकर वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया।

कांग्रेस नेता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

एबी नगर निवासी कांग्रेस नेता अक्षत ठाकुर ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी और प्रभारी मंत्री से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा ने चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच में करीब 3.85 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद तत्कालीन सीडीओ ने 23 मार्च 2025 को शासन को रिपोर्ट भेजकर तत्कालीन डीडीओ संजय पांडेय और एनआरएलएम की जिला मिशन प्रबंधक शिखा मिश्रा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। जिला मिशन प्रबंधक को सेवा से हटाने की भी सिफारिश की गई थी।

13 महीने पहले जिले से हटाकर लखनऊ किया गया था संबद्ध

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मई 2025 में संजय पांडेय को उन्नाव से हटाकर ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया था। हालांकि, अब शासन ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद एनआरएलएम में सामने आई वित्तीय गड़बड़ी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन