गुणवत्ता पर उठे सवाल : बारिश हुई तो गंगा एक्सप्रेस-वे की सड़कें भी उखड़ने लगीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Jul 23, 2026
सोनिक इंटरचेंज के पास 10 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त, दो महीने पहले भी 100 मीटर सड़क हो गई थी खराब

उन्नाव। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार देश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर पहली मानसूनी बारिश ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर उन्नाव जिले में कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और दरारें पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। सोनिक इंटरचेंज के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद कार्यदायी संस्था ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत शुरू करा दी है। मंगलवार को हुई लगातार बारिश के बाद प्रयागराज से मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग पर सोनिक इंटरचेंज के उतराव के पास करीब 10 मीटर हिस्से में सड़क की ऊपरी परत दरक गई। सड़क खराब होने की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को कार्यदायी संस्था की टीम मौके पर पहुंची। किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया गया। इसके बाद जेसीबी से खराब डामर को हटाने का काम शुरू कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त हिस्से के नीचे की मिट्टी को दोबारा दबाकर मजबूत किया जाएगा। इसके बाद गिट्टी डालकर नई बिटुमेन की परत बिछाई जाएगी। उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण कहीं-कहीं मिट्टी का कटाव होने से सड़क की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे स्थानों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
दो महीने में दूसरी बार खराब हुई सड़क
सोनिक इंटरचेंज के आसपास सड़क खराब होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 29 मई को भी इसी क्षेत्र में 421.2 किलोमीटर बिंदु पर कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़े उतराव मार्ग का करीब 100 मीटर हिस्सा खराब हो गया था। सड़क की बदहाल स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्यदायी संस्था ने मरम्मत कराई थी। अब बारिश के बाद उसी क्षेत्र के आसपास फिर सड़क क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी एक्सप्रेस-वे को शुरू हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है और पहली ही बारिश में सड़क की परत उखड़ने और दरारें पड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री और सड़क की मजबूती की जांच होनी चाहिए।
29 अप्रैल को हुआ था लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण इसी साल 29 अप्रैल को हुआ था। इसे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बताया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और प्रयागराज के बीच आवागमन आसान और तेज होने की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, बारिश के शुरुआती दौर में ही सड़क के कुछ हिस्सों में नुकसान सामने आने के बाद अब लोगों की निगाहें कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर हैं। कार्यदायी संस्था का कहना है कि जहां भी सड़क को नुकसान पहुंचा है, वहां मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के बाद सड़क को यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बना दिया जाएगा।
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