Mon 14 Sep 2026

ब्रेकिंग

मजदूर की डूबकर मौत

खुला नौकरी के नाम पर ठगी का मामला

पहलवानों ने दिखाए दांव-पेच

मदद के साथ बढ़ाया लोगों का भरोसा

मांगने पर घर में घुसकर पीटा

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

: कांवड़ मार्ग पर QR कोड विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी-उत्तराखंड सरकारों को जारी किया नोटिस!

कांवड़ मार्ग पर QR कोड विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी-उत्तराखंड सरकारों को जारी किया नोटिस!

  नई दिल्ली : दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य विक्रेताओं को अपने बैनरों पर क्यूआर कोड स्टिकर लगाने के सरकारी आदेश को चुनौती दी गई है, इससे तीर्थयात्रियों को विक्रेताओं की जानकारी मिल सकेगी, यह मामला न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया पीठ ने राज्य सरकारों को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया, पीठ ने मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार को निर्धारित की है, शिक्षाविद अपूर्वानंद झा और अन्य ने एक नया आवेदन दायर किया है सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के वकील जतिंदर कुमार सेठी ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा, हालांकि एक आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने तर्क दिया कि यह मामला समय के लिहाज से संवेदनशील है क्योंकि कांवड़ यात्रा दस-बारह दिनों में समाप्त हो जाएगी, इस मामले में अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर उदय सिंह और हुजेफा अहमदी ने प्रतिनिधित्व किया पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश द्वारा जारी इसी तरह के निर्देशों पर रोक लगा दी थी, इसमें कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित भोजनालयों को अपने मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था   25 जून को उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए झा ने कहा, 'नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर QR कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है. इससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता है, जिससे वही भेदभावपूर्ण प्रोफाइलिंग प्राप्त होती है जिस पर पहले इस न्यायालय ने रोक लगा दी थी, आपको बता दें याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार का निर्देश, जिसमें स्टॉल मालिकों से कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान का खुलासा करने को कहा गया है ये निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है. इसके तहत दुकान, ढाबा और रेस्तरां व अन्य शामिल हैं हिंदू कैलेंडर के श्रावण मास में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त गंगा से पवित्र जल लेकर विभिन्न स्थानों से कांवड़ लेकर आते हैं कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार का त्याग करते हैं, कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते!

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन