हग्गीज़ का नया कैम्पेन लॉन्च : गीलू मॉन्स्टर' दिखाएगा बच्चों की छुप हुई परेशानी
Tue, Dec 2, 2025
बच्चों की नमी वाली समस्या को साफ-साफ दिखाएगा हग्गीज़ इंडिया का 'गीलू मॉन्स्टर'
उत्तर प्रदेश लखनऊ
: भारत के प्रमुख बेबी केयर ब्रांड्स में से एक- हग्गीज़, जो किम्बर्ली-क्लार्क का हिस्सा है, ने अपना नया कैम्पेन लॉन्च किया है। इसमें एक दिलचस्प और शरारती किरदार 'गीलू मॉन्स्टर' को पेश किया गया है। यह मज़ेदार किरदार हर पेरेंट्स की एक बहुत ही सामान्य लेकिन वास्तविक समस्या को उजागर करता है- बच्चों की नाजुक त्वचा पर लंबे समय तक बनी रहने वाली नमी।
आपको बता दे यह नया कैम्पेन हग्गीज़ के उस वादे को बिल्कुल नए अंदाज़ में प्रस्तुत करता है कि यह भारत का सबसे तेज़ नमी सोखने वाला डायपर है। यह दावा सिर्फ ब्रांड की उन्नत तकनीक को ही नहीं दिखाता, बल्कि इस बात का सबूत भी है कि हग्गीज़ पेरेंट्स की जरूरतों और उनकी परेशानियों को कितनी गहराई से समझता है।
कंज़्यूमर्स से बातचीत के दौरान कई माँओं ने एक अहम् बात बताई, कई बार उन्हें यह पता ही नहीं चलता कि डायपर पूरी तरह नमी सोखने से पहले उनके बच्चे की त्वचा कितनी देर तक गीली रहती है। ज्यादातर को लगता था कि उनका मौजूदा ब्रांड भी ठीक ही काम कर रहा है। इसी अदृश्य सच्चाई को सामने लाने के लिए हग्गीज़ ने मज़ेदार लेकिन सटीक किरदार 'गीलू मॉन्स्टर' प्रस्तुत किया, ताकि माँओं को साफ-साफ समझ आ सके कि वह नमी, जो दिखती नहीं है, असल में बच्चों को कितना परेशान करती है। यह किरदार उसी छुपे हुए गीलापन को मज़ेदार अंदाज़ में सामने लाता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज़ कर देते हैं।
कैम्पेन यह दिखाता है कि भारत का सबसे तेज़ नमी सोखने वाला डायपर- हग्गीज़ कैसे उस 'गीलू मॉन्स्टर' को चुटकियों में हरा देता है और बच्चे की नाज़ुक त्वचा को लगभग तुरंत सूखा और आरामदायक बना देता है।
ब्रांड का संदेश हर माँ तक आसानी से पहुँचे, इसलिए इसके फायदे को बड़े ही स्पष्ट और दमदार तरीके से बताया गया- "9 सेकेंड में सोख लेता है।" यह लाइन टेस्टिंग में इतनी मज़बूती से बैठी कि माएँ इसे तुरंत याद भी रख पाईं और सहजता से इसे दोहरा भी पाईं।
किम्बर्ली-क्लार्क इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर श्वेता विग ने कहा, "गीलू मॉन्स्टर’ महज़ एक मज़ेदार विचार ही नहीं है, बल्कि यह पेरेंट्स की उस वास्तविक चिंता को छूता है, जिसे बच्चे हर दिन महसूस करते हैं। हमने एक अदृश्य असहजता को एक दिखने वाली कहानी में बदला है, ताकि माएँ समझ सकें कि हग्गीज़ कितनी तेज़ी और भरोसे के साथ उनके नन्हें शिशुओं को सूखा रखता है। हमारा यह कैम्पेन मनोरंजक भी है और समझ बढ़ाने वाला भी, और यही हमारी कोशिश रही है कि हग्गीज़ के हर एक अनुभव में इनोवेशन और सहानुभूति शामिल रहे।"
हग्गीज़ का नया 'गीलू मॉन्स्टर' कैम्पेन अब टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया पर शुरू हो चुका है। इसके साथ ही इन्फ्लुएंसर एक्टिवेशन और ऑन-ग्राउंड एक्टिविटीज़ भी चल रही हैं, जो इस प्यारे-से किरदार और उसकी कहानी को देशभर के पैरेंट्स के बीच और भी जीवंत बना रही हैं।
बाहरी लोगों की जांच : पुलिस ने चलाया विशेष सत्यापन अभियान
Tue, Dec 2, 2025
मकान मालिकों को चेतावनी: बिना कागज किसी को कमरा न दें
उन्नाव। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पुलिस ने हाल के दिनों में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में बढ़ती आवाजाही और बाहरी लोगों की लगातार आमद को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब किसी भी जोखिम को मौका नहीं देना चाहता। इसी वजह से पूरे जिले में सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें शहर की भीड़भाड़ वाली बस्तियों से लेकर गांवों के शांत इलाकों तक पुलिस टीमें लगातार पहुंच रही हैं। सड़क किनारे बसी झुग्गी झोपड़ियों, किराए के कमरों, मजदूर कॉलोनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले बाहरी श्रमिकों की पहचान की ध्यानपूर्वक जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना आवश्यक दस्तावेज और सही जानकारी के जिले में न रहे। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने के लिए पुलिस ने खुफिया इकाई को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि जिले की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
शहर और गांव दोनों जगह पुलिस की सघन चेकिंग
मंगलवार को सदर कोतवाली, बिहार थाना क्षेत्र, माखी और दही इलाकों में पुलिस और खुफिया टीमों ने संयुक्त रूप से छापा-जैसी कार्रवाई की। झुग्गी बस्तियों, किराए के मकानों, फैक्ट्रियों और मजदूर कॉलोनियों में पुलिस अचानक पहुंची और लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, किरायानामा और अन्य कागजात चेक किए। कई लोगों से उनके वर्तमान पते, काम की जगह और यहां आने के कारण से जुड़ी जानकारी भी ली गई।
बाहरी मजदूरों से लेकर किरायेदारों पर कड़ी नजर
औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे बाहरी श्रमिकों का सत्यापन सबसे ज्यादा प्राथमिकता पर है। फैक्ट्रियों में नौकरी कर रहे मजदूरों से दस्तावेज मांगे गए और उनके रहने के ठिकानों की भी जांच की गई। मकान मालिकों को साफ चेतावनी दी गई है कि किसी को भी बिना पहचान सत्यापन के कमरा न दिया जाए। पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों में मकान मालिकों पर भी कार्रवाई तय है।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील बस्तियों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि यदि कोई अवैध बांग्लादेशी नागरिक जिले में छिपकर रह रहा हो तो उसे चिन्हित किया जा सके। इसके लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध मिले, उनके बारे में अतिरिक्त जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध दिखे तो तुरंत सूचना दें -एएसपी
अभियान की जानकारी साझा करते हुए एएसपी अखिलेश सिंह ने कहा कि जिले में सुरक्षा को मजबूत बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या कोई गलत हरकत नजर आए तो तुरंत पुलिस को खबर दें। पुलिस का कहना है कि जनता और प्रशासन मिलकर ही जिले को सुरक्षित रख सकते हैं।
अभियान आगे भी इसी कड़ाई से जारी रहेगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। अगले कुछ दिनों तक जिले के अलग-अलग इलाकों में इसी तरह का सत्यापन चलता रहेगा। खासकर वह जगहें जहां बाहरी मजदूरों की आवाजाही रहती है, उन्हें सूचीबद्ध कर लिया गया है।
एसआईआर अभियान का असर : 2 लाख से ज्यादा नाम हटे
Tue, Dec 2, 2025
73 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा, अंतिम सूची और साफ होने की तैयारी
उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत चल रहे मतदाता सूची की तस्वीर साफ कर दी है। जिले भर में घर-घर सर्वे और दस्तावेज़ों के मिलान के बाद बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए जिन्हें सूची में रहने का हक नहीं था। निर्वाचन विभाग ने बताया कि गणना प्रपत्रों के वितरित होने के बाद डिजिटाइजेशन का करीब 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसी दौरान 2 लाख 16 हजार 314 नाम सूची से हटाए गए हैं।
किन-किन मतदाताओं के नाम हटे
जांच में पता चला कि बड़ी संख्या में लोग स्थायी रूप से दूसरे शहरों में बस चुके हैं। कई घरों में सर्वे के समय कोई नहीं मिला, जबकि हजारों मतदाता ऐसे मिले जिनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार तीन प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम जैसे ही पूरा होगा, ये संख्या और बढ़ सकती है।
जिले में कुल मतदाताओं की स्थिति
उन्नाव जिले की छह तहसीलों में इस समय 23 लाख 25 हजार 53 मतदाता दर्ज हैं। विधानसभावार स्थिति इस प्रकार है:
•
बांगरमऊ
(162): 3,59,424
•
सफीपुर
(163, अनुसूचित जाति): 3,46,386
•
मोहन
(164, अनुसूचित जाति): 3,46,132
•
उन्नाव
(165): 4,33,034
•
भगवंतनगर
(166): 4,20,381
•
पुरवा
(167): 4,19,696
अभियान में लगे 2501 बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म बांटे। कुल 16,93,242 प्रपत्र अभी तक पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।
हटाए गए नामों का पूरा ब्योरा
ताजा आंकड़ों में जो विवरण सामने आया है, वह इस प्रकार है:
• 63,406 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि
• 22,373 मतदाता सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिले
• 1,04,106 लोग स्थायी रूप से अन्य जगह शिफ्ट
• 24,619 मतदाताओं के नाम दो बार दर्ज थे
• 1,810 मतदाता “अन्य” श्रेणी में हटाए गए
इधर, निर्वाचन विभाग का कहना है कि बाकी बचे प्रपत्रों के अपलोड होते ही सूची एकदम साफ और अपडेट हो जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान आने वाले चुनावों से पहले प्रदेश की सबसे सटीक मतदाता सूची तैयार करने में बड़ी मदद कर रहा है। जिले के अधिकारी पूरे अभियान पर नजर बनाए हुए हैं और निर्देश दिया गया है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले किसी भी मतदाता का गलत नाम न छूटे और न ही गलत तरीके से जोड़ा जाए।