डीएम का औचक निरीक्षण में खुली हकीकत : उन्नाव गौशाला की बदहाल तस्वीर आई सामने
Mon, Dec 1, 2025
गौशाला प्रभारी व पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित, नपा ईओ का वेतन रोका
उन्नाव। जिलाधिकारी गौरांग राठी का सोमवार को औचक दौरा प्रशासनिक हलकों से लेकर आम लोगों तक चर्चा में है। तहसील सदर क्षेत्र की वृहद कान्हा गौशाला काशीराम पहुंचते ही डीएम की नजर जैसे ही गौशाला की स्थिति पर पड़ी, हालात देखकर वे नाराज हो उठे। अंदर खड़े अनेक गोवंश कमजोर दिख रहे थे। चारे के नाम पर थोड़ी सी सूखी सामग्री फैली हुई थी, जो न तो मात्रा में पूरी थी और न ही गुणवत्ता में सही। ठंड शुरू होते ही जानवरों को गरम आश्रय और बिछावन की जरूरत होती है, लेकिन यहां ऐसा कोई इंतजाम ठीक से नहीं मिला। टीकाकरण का रिकॉर्ड भी अधूरा निकला। निरीक्षण के दौरान ही डीएम ने आदेश दिए कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई में देर न हो। गौशाला प्रभारी और प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी को उसी वक्त निलंबित कर दिया गया। वहीं नगर पालिका परिषद उन्नाव के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम पर भी गाज गिरी और उनका वेतन रोक दिया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि गौवंश की सुरक्षा और देखभाल सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है, ऐसे में लापरवाही को नजरअंदाज करना संभव नहीं।
कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई। जिलाधिकारी ने नगर पालिका उन्नाव के अधिशासी अधिकारी और उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की तैयारी भी कर दी है। उनका कहना था कि गौशाला का संचालन नियम और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, वरना कार्रवाई की राह और कड़ी हो जाएगी।
इसी दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला में तुरंत सुधार शुरू किए जाएं। चारा पर्याप्त मात्रा में मिले, गुणवत्ता ठीक रखी जाए, ठंड से बचाने के लिए मोटी बिछावन और गर्म शेड व्यवस्था की जाए और टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड नियमित अपडेट हो। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि अब दोबारा लापरवाही मिली तो नतीजे और गंभीर होंगे।
जिलाधिकारी के अनुसार, भूख और बीमारी से जूझ रहे गोवंश किसी भी सभ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। इसलिए प्रशासन निकट भविष्य में गौशाला का फिर से निरीक्षण करेगा, ताकि सुधार सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि वास्तविक रूप में दिखे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में गौशाला में चारा, इलाज और देखभाल की स्थिति पहले से बेहतर दिखेगी और पशुओं को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा। इस निरीक्षण के बाद से ही जिले में चर्चा यह है कि अब गौशाला व्यवस्था में बदलाव दिख सकता है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कार्रवाई का असर जमीन पर उतरेगा और अनदेखे रह रहे गोवंशों की जिंदगी में सुधार की शुरुआत होगी।
द्वारिकेश चीनी मिल ने गन्ना किसानों : के खातों में भेजा 21 करोड़ 98 लाख 94 हजार
Mon, Dec 1, 2025
उत्तर प्रदेश बरेली :
दरअसल जनपद में फरीदपुर समीप ग्राम भगवानपुर फूलवा स्थित द्वारिकेश चीनी मिल के पेराई सत्र 2025-26 में 24,नवंबर तक गन्ना कृषकों द्वारा चीनी मिल को आपूर्ति किये गये गन्ने का भुगतान 21 करोड़ 98 लाख 94 हजार रुपए का भुगतान समिति द्वारा उपलब्ध कराये गए गन्ना किसानों के सम्बंधित बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया है।पेराई सत्र शुभारम्भ के बाद चीनी मिल द्वारा अब तक 43 करोड़ 77 लाख 13 हजार का कुल भुगतान गन्ना किसानों के खातों में भेजा जा चुका है।
द्वारिकेश चीनी मिल गन्ना किसानों का समयँ से मूल्य भुगतान देने के लिए प्रतिबद्ध है। मिल प्रबन्धन ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि चीनी मिल द्वारा चलाई जा रही आकर्षक विकास योजनाओं के चलते अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ना बुवाई करें और चीनी मिल को साफ़-सुथरा एवं ताज़ा गन्ना आपूर्ति करें।द्वारिकेश शुगर इण्डस्ट्रीज लि0,फरीदपुर क्षेत्र में विकास एवं किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए सदैव तत्पर है ताकि हमारे कृषक बन्धु अधिक से अधिक लाभ कमा सके।
किस समिति द्वारा कितना और कुल भुगतान 18 नवंबर से 24 नवंबर तक
1 फ़रीदपुर (986.29)2 बरेली (461.89)3 बीसलपुर (343.52)4 तिलहर (133.96)5 बदायूँ (29.29)6 भोजीपुरा (50.96)7 नवाबगंज (193.03)कुल भुगतान 2198.94 किया गया है
आसीवन की हवा भी महकी : जब गुदड़ी बाबा का उर्स अपने रौ में दिखा
Mon, Dec 1, 2025
सज्जादानशीन अनवर रहमान जिलानी ने तबर्रुक बांटा, हजारों ने ज़ियारत की
उन्नाव। मियांगंज ब्लॉक के आसीवन कस्बे की दरगाह पर सूफी संत सैयद इकरामुल हक उर्फ गुदड़ी बाबा का 80वां सालाना उर्स इस बार भी श्रद्धा और रूहानी माहौल के बीच पूरा हुआ। रविवार को कुल और फातेहा के साथ उर्स की रस्में संपन्न हो गईं, जबकि देश में अमन, सलामती और भाईचारे के लिए सामूहिक दुआ की गई। दरगाह परिसर में सुबह से ही जायरीनों का तांता लगा रहा। दूर-दराज के जिलों और अन्य प्रदेशों से लोग बाबा की बारगाह में हाजिरी देने पहुंचे।
नूरानी शाम, कव्वाली और गागर की रस्म
उर्स की शुरुआत शनिवार की शाम नमाज-ए-ईशा के बाद हुई। गागर उठी तो पूरा इलाका सुफियाना रंग में डूब गया। चांदनी रात, झिलमिलाते चिराग और महफिल में गूंजते कलामों ने माहौल को खास बना दिया। दरगाह प्रांगण में रातभर कव्वाली का दौर चलता रहा। अलग-अलग कलाम पेश हुए, दुआएं मांगी गईं और श्रद्धालु देर रात तक महफिल में सराबोर रहे। रविवार की सुबह से ही कुल की तैयारियां शुरू हो गईं। दोपहर बाद जब महफिल चली तो जश्न का रंग और भी गाढ़ा हो उठा। कव्वाल रिजवान ने अपने मशहूर कलाम "जलाले इश्क़ में नूरे जमाल रखा है… पेश कर श्रोताओं को जैसे थाम लिया। लोग देर तक तालियों और वाह-वाह के साथ रूहानी लुत्फ़ लेते दिखाई दिए।
फातेहा के साथ दुआ, तबर्रुक की तकसीम
असर की नमाज के बाद कुल की रस्म अदा हुई। सज्जादानशीन अनवर रहमान जिलानी सफवी हक्कानी की सदारत में फातेहा पढ़ी गई और मुल्क की तरक्की, मोहब्बत, भाईचारे व सुरक्षित समाज की दुआ मांगी गई। रस्म पूरी होते ही जायरीनों में तबर्रुक बांटा गया। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं कतार में खड़े होकर तबर्रुक हासिल करते दिखाई दिए।
बड़ी तादाद में शामिल हुए लोग
उर्स की रौनक इस बात से समझी जा सकती है कि आसीवन कस्बे की गलियां दिनभर आबाद रहीं। खानकाहे मशहूदिया से शोएब बकाई, समाजसेवी शुजाउर रहमान सफवी शुजा, हिलाल मुजीबी रज्जाकी, तल्हा अल्वी, महजर, चेयरमैन ब्रजकिशोर वर्मा बाबू जी, फैशल रहमान सफवी, सैफ रहमान सफवी, जैद रहमान सफवी, जिला पंचायत सदस्य फरान रहमान सफवी, जिबरान सफवी, अजीम सफवी, अरबाब सफवी, अरमान सफवी, असद सफवी, सारिक मियां, राशिद मियां, अनीसुद्दीन खान, मो नसीर, मो समीर, महेंद्र यादव, ओम जी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके अलावा अमित अंकज तिवारी, आशुतोष सिंह चौहान आशीष, सारिक अल्वी, शानू मियां, समाजसेवी शीबू अहमद, रहीश खान गुड्डू, करन स्वरूप और अन्य स्थानीय लोगों ने भी दरगाह में हाजिरी लगाई। कुल मिलाकर हजारों की भीड़ ने बाबा गुदड़ी शाह से अपने दिली मुरादों के लिए दुआ की।
आसीवन में रौनक, सड़कों पर चहल-पहल
उर्स के चलते बाज़ारों में रौनक बढ़ गई। मीठे, चादर और इत्र की दुकानों पर खरीदारी होती रही। जगह-जगह चाय और लंगर के स्टॉल लगे थे जहां लोग बैठकर गुफ्तगू करते और उर्स की खुशबू में डूबे नजर आए। 80 साल से चली आ रही यह परंपरा हर गुजरते वर्ष के साथ मजबूत होती दिखती है। इस उर्स ने एक बार फिर साबित किया कि आसीवन की यह दरगाह सिर्फ इबादत की जगह नहीं बल्कि मोहब्बत और एकता की पहचान है।