उन्नाव में किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान : घर में मचा कोहराम
Wed, Jun 3, 2026
माखी क्षेत्र के मर्दनखेड़ा गांव की घटना, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र के मर्दनखेड़ा गांव में बुधवार को एक किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर के कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिलने पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मर्दनखेड़ा गांव निवासी गया प्रसाद की 16 वर्षीय पुत्री महक घर पर थी। परिजनों के मुताबिक, दोपहर बाद जब परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो महक फंदे से लटकी मिली। यह देख परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल रहा। फिलहाल किशोरी द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन भी किसी कारण की जानकारी नहीं दे सके। माखी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिंग रोड निर्माण के लिए चला बुलडोजर : अवरोध बने निर्माण हटाए
Wed, Jun 3, 2026
कड़ेद पतारी गांव में प्रशासन की कार्रवाई, भारी पुलिस बल रहा तैनात
उन्नाव। प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण परियोजना का रास्ता साफ करने के लिए बुधवार को कड़ेद पतारी गांव में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवरोध बने निर्माण हटवाए। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। सुबह शुरू हुई कार्रवाई में उन मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया गया, जो रिंग रोड की जद में आ रहे थे। प्रशासन की कार्रवाई को देखते हुए कई परिवार पहले ही अपने घरों से सामान हटा चुके थे, जबकि कुछ लोगों ने मौके पर ही सामान बाहर निकाला। सदर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चली कार्रवाई में कानूनगो अरविंद श्रीवास्तव, लेखपाल सत्यम शुक्ला, मनीष शुक्ला और मनोज यादव मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि रिंग रोड परियोजना जिले की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अवरोध हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान ग्राम प्रधान मनोज भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे और कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
जिला जेल के बाहर परिजनों का हंगामा : वाराणसी में इलाज के दौरान बंदी की मौत
Wed, Jun 3, 2026
दुष्कर्म के प्रयास और छेड़छाड़ के मामले में जेल में था निरुद्ध, तबीयत बिगड़ने पर वार्ड में ले जाया गया था
उन्नाव। जिला जेल में निरुद्ध बंदी की वाराणसी स्थित मानसिक चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने पर बुधवार को परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला जेल पहुंच गए और हंगामा किया। उन्होंने जेल प्रशासन पर समय पर जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने समझाकर लोगों को शांत कराया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के निहाल खेड़ा निवासी राहुल निषाद पुत्र विमल निषाद छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में वर्ष 2025 से जिला जेल में निरुद्ध था। जेल में उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने पर अदालत के आदेश से 24 मार्च 2026 को उसे वाराणसी के मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। वहां उसका इलाज चल रहा था। बताया गया कि मंगलवार रात राहुल ने भोजन करने के बाद नियमित दवाएं लीं और बैरक में आराम करने चला गया। देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में दर्द की शिकायत होने पर उसे तत्काल उपचार के लिए वार्ड में ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे दीनदयाल अस्पताल भेजा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार दोपहर राहुल के परिजन और ग्रामीण जिला जेल पहुंच गए। उन्होंने जेल प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि राहुल की तबीयत और इलाज की स्थिति के बारे में उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई। मृतक की मां ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जिला जेल पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। एहतियात के तौर पर जिला जेल परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि राहुल निषाद को न्यायालय के आदेश पर मानसिक उपचार के लिए वाराणसी भेजा गया था। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।