ग़रीब नवाज़ की चौखट पर इज़हार खान की फरियाद : कुलदीप सिंह सेंगर के लिए मांगा इंसाफ़
Sun, Jan 4, 2026
“ख़्वाजा साहब की दर से कभी खाली नहीं लौटती दुआ” – इज़हार खान
उन्नाव। न्याय की आस और भरोसे के साथ अजमेर शरीफ की पवित्र धरती पर एक बार फिर दुआओं की गूंज सुनाई दी। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सुप्रीम कोर्ट से जमानत निलंबित होने के बाद
उनके लिए प्रार्थना और दुआओं का सिलसिला लगातार जारी है।
इसी क्रम में नगर पालिका परिषद बांगरमऊ के पूर्व अध्यक्ष इज़हार खान उर्फ गुड्डू राजस्थान के अजमेर स्थित विश्वविख्यात दरगाह शरीफ पहुंचे और सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की बारगाह में चादर चढ़ाकर इंसाफ की दुआ मांगी। दरगाह परिसर में इज़हार खान ने पूरे अदब और एहतराम के साथ हाजिरी लगाई। उन्होंने सज्जादानशीन सूफी सैयद कुतूबुद्दीन ‘सखी’ को अर्जी सौंपी और अपनी बात रखते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका कहना था कि अदालत के समक्ष कई तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे सच्चाई दब गई। इज़हार खान ने दो टूक कहा कि सेंगर निर्दोष हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इज़हार खान ने भावुक होते हुए कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह इंसाफ, अमन और मोहब्बत का सबसे बड़ा पैगाम देती है। यहां से उठी दुआ कभी बेअसर नहीं जाती। उन्होंने विश्वास जताया कि ख्वाजा साहब की रहमत से सच सामने आएगा और कुलदीप सिंह सेंगर को न्याय जरूर मिलेगा। उनके शब्दों में एक उम्मीद थी, एक भरोसा था और उस इंसाफ की तलाश थी, जो देर से ही सही, लेकिन आता जरूर है। अजमेर शरीफ में दुआ के दौरान उनके साथ मौजूद लोगों ने भी एक स्वर में कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई की कामना की। सभी ने इसे केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई बताया। दरगाह परिसर में मौजूद हर शख्स की जुबां पर एक ही बात थी कि जब इंसाफ की गुहार ख्वाजा साहब की चौखट पर पहुंचती है, तो मायूस होकर वापस नहीं लौटती। इस दुआ और फरियाद के साथ इज़हार खान ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चल रही यह कानूनी लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी और सच की जीत होगी। अजमेर शरीफ से उठी यह आवाज उनके समर्थकों के लिए नई उम्मीद और हौसले का संदेश बनकर लौटी है।
शाही स्नान से पहले गंगा पर पहरा : टेनरी और स्लाटर हाउस बंद
Fri, Jan 2, 2026
दूसरे दिन भी चली निगरानी, शुक्रवार को भी लिए जाएंगे नमूने
उन्नाव। माघ मेला और प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के पहले शाही स्नान को लेकर इस बार गंगा की स्वच्छता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शासन के निर्देशों के बाद जिले में दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र और बंथर स्थित सभी टेनरियों और स्लाटर हाउसों के आउटलेट चार दिन के लिए बंद करा दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को इस बंदी का दूसरा दिन रहा, जबकि शुक्रवार को भी निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रयागराज में तीन जनवरी को शाही स्नान प्रस्तावित है। इस दौरान गंगा में किसी भी तरह का प्रदूषित पानी न पहुंचे, इसके लिए स्नान से तीन दिन पहले ही आसपास के जिलों में टेनरियों और स्लाटर हाउसों के उत्प्रवाह बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में जिले में यह सख्त कदम उठाया गया है। डीएम के आदेश पर गठित जिला स्तरीय टीम ने बृहस्पतिवार को बंथर और दही चौकी क्षेत्र में दिनभर भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। टीम ने टेनरियों के आउटलेट, नालों और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने साफ किया कि यदि कहीं भी अपशिष्ट जल छोड़े जाने की शिकायत मिली तो संबंधित इकाई पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इधर, जिन स्लाटर हाउसों में पानी को अस्थायी रूप से रोकने की व्यवस्था है, वहां टैंकों में पानी संग्रहित कराया जा रहा है। जिले में ऐसे कुल सात स्लाटर हाउस हैं, जिनमें स्टोरेज की सुविधा मौजूद है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार इन इकाइयों की निगरानी कर रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता उपेंद्र प्रसाद के अनुसार छह स्लाटर हाउसों के टैंकों में जमा पानी के नमूने गुरुवार को ले लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। शेष एक स्लाटर हाउस से शुक्रवार को नमूना लिया जाएगा, ताकि सभी इकाइयों की स्थिति स्पष्ट हो सके। प्रशासन का कहना है कि माघ मेले और शाही स्नान के दौरान गंगा की पवित्रता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शाही स्नान के बाद ही सभी इकाइयों के आउटलेट खोले जाएंगे और वह भी जांच रिपोर्ट और अनुमति मिलने के बाद ही।
माघ मेले की तैयारी : उन्नाव में टेनरियों और स्लाटर हाउसों पर कड़ा पहरा
Wed, Dec 31, 2025
जिले में गंदे डिस्चार्ज पर पूरी तरह पाबंदी, 24 दिन की लगी रोक
उन्नाव। प्रयागराज समेत प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों पर शुरू हो रहे माघ मेले और गंगा स्नान को देखते हुए जनपद में प्रदूषण पर सख्त शिकंजा कस दिया गया है। गंगाजल की शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को जिले के दही, बंथर और अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की गई। इन क्षेत्रों में संचालित 42 चर्म इकाइयों, आधा दर्जन स्लाटर हाउस और दही व बंथर की दो सीईटीपी के सभी डिस्चार्ज मुहानों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज के नेतृत्व में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला स्तरीय टीम द्वारा की गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर औद्योगिक इकाइयों के उत्प्रवाह बिंदुओं की जांच की और तय निर्देशों के तहत उन्हें पूरी तरह बंद कराया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ शशि बिंदकर ने बताया कि माघ मेला 2026 के लिए शासन की ओर से पहले से रोस्टर जारी किया गया है। उसी के अनुरूप इकाई संचालकों और सीईटीपी प्रबंधन ने अपने स्तर से ही श्राव को रोकते हुए मुहानों को बंद कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अगले 24 दिनों तक इन औद्योगिक क्षेत्रों से किसी भी प्रकार का औद्योगिक डिस्चार्ज बाहर नहीं जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पौष पूर्णिमा तीन जनवरी को है। इसी को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर 2025 से तीन जनवरी 2026 तक चार दिनों की सख्त पाबंदी लागू की गई थी, जिसे आगे बढ़ाते हुए कुल 24 दिनों तक शून्य उत्प्रवाह व्यवस्था लागू रहेगी। इस अवधि में किसी भी हालत में गंदा पानी नालों या नदियों में नहीं छोड़ा जा सकेगा। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीमें बुधवार से पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल मुहाने सील करना ही नहीं, बल्कि दिनभर औद्योगिक क्षेत्रों, चर्म इकाइयों और सीईटीपी का लगातार निरीक्षण भी किया जाएगा। हर बंद किए गए प्वाइंट पर निगरानी टीम तैनात रहेगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। बताया गया कि प्रयागराज में तीन जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक माघ मेला आयोजित होना है। करोड़ों श्रद्धालुओं के गंगा स्नान को ध्यान में रखते हुए उन्नाव जिले के दो प्रमुख नालों लोनी और सिटी जेल ड्रेन से जुड़ी टेनरियों और चर्म इकाइयों में गीला उत्पादन भी पूरी तरह बंद करा दिया गया है। आरओ शशि बिंदकर ने साफ शब्दों में कहा कि इस दौरान यदि कहीं भी प्रदूषित उत्प्रवाह पाया गया तो संबंधित इकाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जेडएलडी यानी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने के लिए अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग का कहना है कि यह कदम केवल नियम पालन के लिए नहीं, बल्कि गंगा की पवित्रता और आम लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। माघ मेले के दौरान गंगाजल पूरी तरह स्वच्छ रहे, इसके लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।