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रवि चौधरी ने नवाबपुरा पहुंचकर लोगों को दिया भरोसा : स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर चिन्हित मकानों को लेकर बढ़ी चिंता,

आलम वारसी 2

Tue, Jul 21, 2026
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मुरादाबाद। नगर निगम मुरादाबाद द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत नवाबपुरा से लेकर लालबाग क्षेत्र तक बड़ी संख्या में मकानों पर चिन्ह लगाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने से स्थानीय निवासियों में चिंता और असमंजस का माहौल है। इसी विषय को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं मंत्री प्रतिनिधि रवि चौधरी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

इस दौरान महानगर अध्यक्ष दानिश कुरैशी, जिला प्रमुख महासचिव गौरव कुमार, जिला सचिव फहद, जिला सचिव सलीम, महानगर सचिव ओसम, महानगर उपाध्यक्ष वीरपाल सैनी उर्फ मोनू सैनी, सूरज एवं रोहित ठाकुर भी उपस्थित रहे।

क्षेत्रवासियों ने रवि चौधरी को बताया कि नगर निगम द्वारा लगभग 800 से 1000 मकानों को चिन्हित किया गया है। इस क्षेत्र में करीब 80 से 90 हजार लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोगों में अपने आशियाने को लेकर भय और चिंता व्याप्त है।

इस अवसर पर रवि चौधरी ने कहा कि किसी भी विकास कार्य का उद्देश्य आम नागरिकों को परेशानी में डालना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन किसी योजना के अंतर्गत कार्रवाई करता है तो उससे पहले वहां रहने वाले लोगों की स्थिति, उनके अधिकारों और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

रवि चौधरी ने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, "मैं आप सभी के साथ खड़ा हूं। शासन और प्रशासन के समक्ष आपकी बात पूरी मजबूती से रखी जाएगी। किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। हर संभव प्रयास और मदद के लिए मैं सदैव आपके साथ हूं।"

उन्होंने आगे कहा कि नवाबपुरा क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश परिवार पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहे हैं। उनके पास अपने मकानों के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज एवं पूर्वजों के निवास के प्रमाण उपलब्ध हैं, जिन्हें वे सरकार और प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले संबंधित विभागों को इन सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण करना चाहिए।

रवि चौधरी ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया जाए तथा ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हो और वर्षों से बसे लोगों के अधिकारों की भी रक्षा हो सके।

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स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर चिन्हित मकानों को लेकर बढ़ी चिंता,

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