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अधिवक्ता भवन निर्माण विवाद ने पकड़ा तूल : वकीलों ने जांच अधिकारी बदलने की उठाई मांग

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Thu, Jun 4, 2026
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उन्नाव। कचहरी परिसर में बने अधिवक्ता भवनों के निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब जांच प्रक्रिया तक पहुंच गया है। बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में सीओ सिटी से मुलाकात कर मामले की जांच कर रहे विवेचक को हटाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है और जांच अधिकारी का रवैया एक पक्ष के प्रति झुकाव वाला दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के उपयोग के लिए राजा राव राम बक्श, आचार्य चाणक्य और परशुराम अधिवक्ता भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों के निर्माण कार्य और खर्च को लेकर वर्तमान और पूर्व बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है। वर्तमान कार्यकारिणी की ओर से निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला और पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित को नामजद किया गया है। पूर्व पदाधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा तथ्यों पर आधारित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत और संगठनात्मक मतभेदों का परिणाम है। उनका दावा है कि निर्माण कार्य पूरी प्रक्रिया के तहत कराया गया था और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। सीओ सिटी से मुलाकात के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विवेचक ने जांच के दौरान निष्पक्षता बरतने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा जल्दबाजी में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी की जा रही है, जबकि कई महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों पर अभी पर्याप्त विचार नहीं किया गया है।प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने के लिए आर्थिक लेनदेन हुआ है और इसी वजह से जांच की दिशा प्रभावित हुई है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन अधिवक्ताओं ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जांच नहीं सौंपी जाती, तब तक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की उम्मीद करना मुश्किल होगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और जांच प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने की मांग की। वहीं सीओ सिटी ने अधिवक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता या कर्तव्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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