खाकी में ड्यूटी : पुलिस की नौकरी के साथ समाजसेवा की मिसाल
Wed, Jul 22, 2026
उन्नाव पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी को लखनऊ में ‘एक पौधा जिंदगी के लिए’ कार्यक्रम में मिला सम्मान
उन्नाव। खाकी वर्दी में पुलिस की जिम्मेदारी निभाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए काम कर रहे उन्नाव पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी सीनियर सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्र ‘अपूर्व’ को लखनऊ में सम्मानित किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय के अभियान्त्रिकी एवं तकनीकी संकाय में वैदेही वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘एक पौधा जिंदगी के लिए’ सीजन-10 कार्यक्रम में उन्हें पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मान मिला।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी श्रीमती नम्रता पाठक और प्रो. रवीन्द्र पाल सिंह ने अनूप मिश्र को सम्मानित किया। मंच से उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ समाज और पर्यावरण के लिए काम करना सराहनीय है। अनूप मिश्र पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम में नशामुक्ति अभियान, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाजसेविका प्रीति वार्ष्णेय समेत 51 से अधिक विभूतियों को पौधे और प्रमाणपत्र भेंट किए गए।
पौधे को पेड़ बनने तक संभालने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में सम्मानित लोगों ने पौधों को केवल लगाने तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह पालने और पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि पौधा लगाना जरूरी है, लेकिन उसे जीवित रखकर पेड़ बनाना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। वैदेही वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ. रूबी राज सिंह शिवसुंदरी, इंजीनियर प्रशांत प्रवीण सिन्हा और खुशबू वर्मा की आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था की ओर से बताया गया कि पिछले दस वर्षों से बिना कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप और व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग के अपने संसाधनों से सामाजिक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन युवा एंकर एंजेल प्रवीण ने किया।
बूथ मजबूत तो चुनावी जीत पक्की : भाजपा ने 496 अध्यक्षों को दिया जीत का मंत्र
Wed, Jul 22, 2026
मौरावां में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में संगठन को धार देने पर जोर, विधायक अनिल सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
उन्नाव। चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को मौरावां नगर पंचायत के रामलीला मैदान में आयोजित पुरवा विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में 496 बूथ अध्यक्ष जुटे। सम्मेलन में साफ संदेश दिया गया कि चुनावी मैदान में जीत का रास्ता बूथ से होकर ही निकलता है। करीब एक घंटे चले कार्यक्रम में संगठन को बूथ स्तर पर सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। हरदोई के पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पुरवा विधायक अनिल सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
हर बूथ पर सक्रिय रहें कार्यकर्ता
वक्ताओं ने कहा कि बूथ अध्यक्ष पार्टी संगठन की सबसे अहम कड़ी हैं। इसलिए प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय टीम तैयार रहनी चाहिए। नेताओं ने सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। सम्मेलन में बूथ प्रबंधन, सदस्यता अभियान और संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अपने-अपने बूथ पर संगठन को मजबूत करने के साथ आम लोगों से सीधा संवाद बनाए रखें।
‘देश विरोधी गतिविधियों पर सख्ती जरूरी’
कार्यक्रम में विधायक अनिल सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश विरोधी ताकतें छात्रों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनों में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाए गए। विधायक ने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
ये रहे मौजूद
सम्मेलन में प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि पुरवा अमित त्रिवेदी, चेयरमैन मौरावां कुंवर विवेक सेठ, ब्लॉक प्रमुख असोहा आनंद गुप्ता, महेन्द्र लोधी, रियाजुल हसन, पूर्व मंडल अध्यक्ष शुभम श्रीवास्तव, आशिक अली, जैनुल आब्दीन, आशीष साहू, दुधे लाल साहू, रिजवान कुरैशी समेत भाजपा पदाधिकारी और 496 बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे।
सपाइयों ने घेरा कलेक्ट्रेट : अखिलेश की गिरफ्तारी से सपा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा
Wed, Jul 22, 2026
पुलिस से नोकझोंक के बाद जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद समेत हिरासत में कई नेता
जमीन पर लेटे पूर्व राज्यमंत्री और अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष
उन्नाव। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को उन्नाव में सपाइयों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीएम कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में जिलाध्यक्ष राजेश यादव, पूर्व सांसद अन्नू टंडन, अंकित सिंह परिहार समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान भी कार्यकर्ता लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर रोका
बुधवार को सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेडिंग के पास उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
जिलाध्यक्ष से धक्का-मुक्की के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव और पूर्व सांसद अन्नू टंडन कर रहे थे। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसी दौरान जिलाध्यक्ष राजेश यादव के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद मौके पर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने एक-एक कर अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
सपाइयों को संभालने में पुलिस के छूटे पसीने
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर वाहनों में बैठाने का प्रयास कर रही थी, तभी पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत, अंकित सिंह परिहार और सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान जमीन पर लेट गए। पुलिसकर्मियों ने उनको उठाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता विरोध करते रहे। बाद में पुलिसकर्मियों ने दोनों को उठाकर पुलिस वैन में बैठाया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा और सपाई सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के लगाए नारे
हिरासत में लिए जाने के दौरान भी सपाई लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। कार्यकर्ताओं ने ‘योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है’ जैसे नारे लगाए। सपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठाने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। इसी के विरोध में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं।
कलेक्ट्रेट के बाहर पहले से तैनात था पुलिस बल
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। डीएम कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ देर तक मौके पर नारेबाजी और विरोध का दौर चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों और अन्य वाहनों से पुलिस लाइन भेज दिया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई। प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।