ऑपरेशन मुस्कान : पुलिस ने 16 घंटे में तीनों बच्चों को ढूंढ निकाला
Wed, Jan 14, 2026
डांट से नाराज होकर घर से निकले थे बच्चे, मिश्रा घाट पर खेलते मिले लापता बच्चे
उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र से लापता हुए दो बच्चियों और एक बच्चे को पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत महज 16 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने से जहां परिजनों ने राहत की सांस ली, वहीं पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की इलाके में सराहना हो रही है।
अपर पुलिस अधिक्षक प्रेमचंद ने बताया कि नवाबगंज क्षेत्र के गांधी नगर मोहल्ले की रहने वाली एक महिला ने मंगलवार को डायल 112 पर सूचना दी कि उनकी 10 वर्षीय बेटी, उसके साथ खेलने वाली 9 वर्षीय बच्ची और 9 वर्षीय बच्चा सुबह करीब साढ़े 11 बजे घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अजगैन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि तीनों बच्चों ने घर में रखी दादी की गुल्लक तोड़कर उसमें से पैसे निकाल लिए थे। इस बात पर दादी ने बच्चों को डांट दिया, जिससे नाराज होकर वे घर से निकल गए। मामले में तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी प्रेमचंद और क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद चौरासिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में सघन तलाश शुरू की। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली गई। सीओ हसनगंज अरविंद चौरसिया ने बताया कि लगातार प्रयासों के बाद बुधवार को पुलिस टीम को सफलता मिली। तीनों बच्चे गंगाघाट थाना क्षेत्र के मिश्रा घाट पर बालू में खेलते हुए मिले। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि डांट से नाराज होकर वे पैदल कुसुम्भी स्टेशन पहुंचे और वहां से मेमो ट्रेन पकड़कर गंगाघाट आ गए थे। बताया कि बच्चों की बरामदगी के बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों ने तीनों बच्चों को प्यार से समझाया और उन्हें चॉकलेट भी दिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिवार वालों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
पुलिस टीम को मिला इनाम
इस सराहनीय कार्य के लिए बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से आमजन का भरोसा और मजबूत हुआ है।
इनकी रही अहम भूमिका
टीम का नेतृत्व सीओ हसनगंज अरविंद चौरासिया ने किया। उनके साथ प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह
लगातार क्षेत्र में रहकर तलाश और जांच की कमान संभाली। खोज अभियान में उप निरीक्षक मुकुल दुबे, हेड कांस्टेबल अमित यादव, कांस्टेबल योगेश दहिया, शुभम कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह, अनूप, रंजीत, सूरज पाल और जेंदल ने अलग-अलग स्थानों पर निगरानी, पूछताछ और संभावित रास्तों की पड़ताल की। वहीं महिला कांस्टेबल राखी यादव ने बच्चों से संवाद और परिजनों से समन्वय में अहम भूमिका निभाई।
साईं भक्ति में डूबा शहर : फूलों की बारिश में निकली साईं बाबा की पालकी
Wed, Jan 14, 2026
संस्थापक सुरेंद्र वर्मा के प्रयासों से साईं शोभायात्रा बनी शहर की पहचान
उन्नाव। शहर में बुधवार को आस्था, भक्ति और सामाजिक सौहार्द का भव्य नजारा देखने को मिला, साईं दरबार मंदिर के संस्थापक सुरेंद्र कुमार वर्मा के अगुवाई में 15वें वार्षिकोत्सव पर विशाल साईं शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज के बीच निकली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा शहर साईं बाबा के जयकारों से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। साईं शोभायात्रा की शुरुआत भरत मिलाप मैदान से गोस्वामी आचार्य जी के सान्निध्य में विधिविधान और पूजा-अर्चना के साथ हुई। यात्रा जैसे ही आगे बढ़ी, श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते-नाचते नजर आए। शिव तांडव, राधा-कृष्ण, बजरंग बली सहित अन्य धार्मिक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। ऊंट, घोड़े, बग्घी और ट्रैक्टरों पर सजी आकर्षक झांकियां यात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने बाबा की पालकी पर पुष्पवर्षा की और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। ज्योतिषाचार्य लंकेश महाराज, कथावाचिका देवी दीक्षा अवस्थी और वृंदावन से पधारे सुशील महाराज समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा और भक्तगण शामिल हुए।
आइबीपी चौराहा पर सदर विधायक पंकज गुप्ता भी शोभायात्रा में पहुंचे और श्रद्धालुओं के साथ चलकर बाबा का आशीर्वाद लिया। विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि साईं बाबा की शोभायात्रा उन्नाव की धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द की सशक्त पहचान है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और सेवा, श्रद्धा व भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों की सराहना करते हुए शहरवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
बड़ा चौराहा पहुंचने पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा भानू ने साईं शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। उन्होंने साईं पालकी पर पुष्पवर्षा कर आयोजन को शहर की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शहरभर में हुआ शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत
साईं शोभायात्रा जैसे-जैसे अपने मार्ग पर आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे शहर के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धा और सम्मान के साथ उसका स्वागत होता रहा। हरदोई पुल के पास उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष अमित मिश्रा अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने पुष्पवर्षा कर साईं बाबा की पालकी का स्वागत किया और आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताया। इसके बाद शोभायात्रा के मार्ग पर समाजवादी पार्टी के नेता मंजीत यादव और समाजसेवी प्रभात सिन्हा ने भी यात्रा का अभिनंदन किया। दोनों ने श्रद्धालुओं के साथ कुछ दूरी तक चलकर बाबा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। आगे बढ़ते हुए यात्रा का स्वागत राज गारमेंट के मालिक रामजी गुप्ता और सभासद मनोज यादव ने किया। दोनों ने पुष्पवर्षा कर साईं बाबा की पालकी को नमन किया और श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। इसी क्रम में समाजसेवी एवं भजन होटल के संचालक सुमित सोनी ने भी शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। छोटा चौराहा के पास कांग्रेस नेता
भक्ति के साथ हुआ शोभायात्रा का भावपूर्ण समापन
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती साईं बाबा की शोभायात्रा छोटा चौराहा और लोकनगर होते हुए साईं पुरम चौरा मोड़ स्थित साईं मंदिर पहुंची। जैसे ही पालकी मंदिर परिसर में प्रवेश कर गई, पूरे वातावरण में भजनों की स्वर लहरियां गूंज उठीं। भजन-कीर्तन और विधिवत आरती के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ, जहां श्रद्धालु देर तक साईं बाबा के जयकारे लगाते रहे। इस अवसर पर सौरभ वर्मा, नीरज, केशव, सचिन वर्मा, मानस सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में साईं बाबा की आराधना की और आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों का आभार जताया।
भाईचारे की बनी मिसाल
साईं शोभायात्रा के दौरान शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की भी खूबसूरत झलक देखने को मिली। आईबीपी चौराहा, नगर पालिका कार्यालय और छोटे चौराहे पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल बरसाकर और खाने पीने की चीजो से यात्रा का स्वागत किया। इसके अलावा गुरुद्वारा के सामने सिख समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने सुरेंद्र वर्मा बाबा और शोभायात्रा का स्वागत किया। इन दृश्यों ने लोगों के दिलों को छू लिया और आपसी भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।
यातायात और बिजली व्यवस्था रही प्रभावित
शोभायात्रा के चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था बदली गई। एक लेन का ट्रैफिक रोके जाने से लोगों को हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शोभायात्रा के रूट से जुड़े इलाकों की बिजली आपूर्ति भी बंद रखी गई। शोभायात्रा के दौरान भरत मिलाप, बाबूगंज, मोतीनगर, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, लोकनगर सहित कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही। कई घंटे बाद आपूर्ति बहाल की गई। कुल मिलाकर साईं शोभायात्रा आस्था, संस्कृति और सौहार्द का प्रतीक बनकर उन्नाववासियों के लिए यादगार बन गई। श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता यह दर्शाती रही कि साईं बाबा की भक्ति शहर के जन-जन के दिलों में गहराई से बसी हुई है।
मकर संक्रांति : गंगाघाट में आस्था और स्वच्छता की पहल, अमृत कलश लगवाए गए
Wed, Jan 14, 2026
पालिका अध्यक्ष ने प्रमुख घाटों को लिया जायज़ा
उन्नाव। मकर संक्रांति के पावन पर्व को देखते हुए नगर पालिका परिषद गंगाघाट ने गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब पूजा सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थानों पर रखे गए अमृत कलशों में समर्पित किया जा सकेगा। नगर पालिका की ओर से राजधानी मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के सामने, गंगा पुल पर और आनंद घाट आरती स्थल पर अमृत कलश लगवाए गए हैं। इन कलशों में श्रद्धालु फूल, अगरबत्ती, नारियल सहित अन्य पूजन सामग्री श्रद्धापूर्वक डाल सकेंगे। इससे घाटों और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैलने पर रोक लगेगी और गंगा की निर्मलता भी बनी रहेगी।
इससे पहले नगर पालिका द्वारा आस्था वाहन चलाए जा रहे थे, जिनके माध्यम से लोगों से लगातार अपील की जा रही थी कि वे पूजा सामग्री इधर-उधर या गंगा में न डालें। इसके बावजूद कई जगहों पर पूजन सामग्री बिखरी हुई मिल रही थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका ने यह कदम उठाया है। बताया गया कि कुछ दिन पहले पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे ने घाटों और नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पूजा सामग्री खुले में पड़ी मिलने पर उन्होंने नाराजगी और चिंता जताई थी और पालिका कर्मचारियों को अमृत कलश बनवाकर प्रमुख स्थानों पर रखने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में मकर संक्रांति से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी गई। अमृत कलश लगाए जाने के बाद पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे भी मौजूद रहे।
उन्होनें घाटों पर साफ-सफाई की स्थिति देखी और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे ने कहा कि गंगा हमारी आस्था का केंद्र हैं और उनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पूजा सामग्री सीधे गंगा में डालने से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए अमृत कलश की व्यवस्था की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजा सामग्री इन्हीं कलशों में डालें और स्वच्छ गंगा अभियान में सहयोग करें।
मकर संक्रांति के अवसर पर घाटों पर विशेष साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। घाटों पर कार्य कर रही महिला सफाई कर्मचारियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि स्वच्छ नगर और स्वच्छ गंगा के निर्माण में उनका योगदान अहम है। नगर पालिका परिषद ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं और पूजा सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय अमृत कलशों में ही समर्पित करें, ताकि गंगाघाट को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।