पहलगाम हमले की पहली बरसी : गंगाघाट में शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि
Wed, Apr 22, 2026
पालिका अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने शहीदों के बलिदान को बताया प्रेरणा
गंगाघाट (उन्नाव)। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर गंगाघाट में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। आनन्दघाट स्थित शहीद स्मारक पर नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पाण्डेय ने पहुंचकर 26 मोमबत्तियां जलाईं और शहीदों को नमन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल गंभीर और भावुक बना रहा। श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारों के बीच लोगों ने एकजुटता का संदेश भी दिया। अध्यक्षा कौमुदी पाण्डेय ने कहा कि यह हमला देश की एकता और अखंडता पर सीधा प्रहार था, लेकिन हमारे जवानों का साहस और बलिदान हर बार देश को और मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता और हम सभी को उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। इस मौके पर पालिका प्रतिनिधि व पूर्व नौ सैनिक संदीप पांडेय ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों का बलिदान हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को शहीदों के त्याग से सीख लेनी चाहिए और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए और शहीदों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। पूरे आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शहीदों की यादें आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं और उनका बलिदान हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा।
गैस की किल्लत : एजेंसियों पर भारी भीड़, सिलिंडर खत्म होने से रोज लौट रहे उपभोक्ता
Wed, Apr 22, 2026
लंबी लाइन, कम सप्लाई और कालाबाजारी के आरोपों से बढ़ी परेशानी
उन्नाव। रसोई की सबसे जरूरी चीज अब लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। जिले में एलपीजी गैस की सप्लाई बुरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के 20 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा, जबकि सिस्टम चार दिन में डिलीवरी का मैसेज भेज रहा है। गर्मी में लंबी कतारें, धक्का-मुक्की और खाली हाथ लौटते लोग… यह तस्वीर अब जिले के कई गैस एजेंसियों पर रोज की हो गई है। करीब 50 दिनों से चल रही इस किल्लत ने आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। जिले में करीब 6 लाख उपभोक्ता हैं और 62 गैस एजेंसियां, लेकिन सप्लाई इतनी कम है कि मांग के मुकाबले व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
लाइन में घंटों इंतजार, फिर भी नहीं मिल रहा सिलिंडर
औरास की इंडेन गैस एजेंसी पर मंगलवार को आठ दिन बाद गैस का लोड पहुंचा तो सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। तेज धूप में लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। दो ट्रक सिलिंडर आए, वितरण भी शुरू हुआ, लेकिन शाम तक 150 लोग बिना सिलिंडर के लौट गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और नोकझोंक की नौबत तक आ गई, जिसे कर्मचारियों ने किसी तरह संभाला। इसी तरह पाटन बिहार की अमर शहीद गैस एजेंसी और शहर की अन्य एजेंसियों पर भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। कई जगहों पर दो दिन बाद गैस पहुंची, लेकिन मांग इतनी ज्यादा रही कि सैकड़ों लोग मायूस होकर लौटे।
रात 10 बजे तक लाइन, सुबह भी नहीं नंबर
अचलगंज क्षेत्र में एक एजेंसी के बाहर का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, वायरल वीडियो में रात करीब 10 बजे तक लोग कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई उपभोक्ता देर रात से ही लाइन में लग जाते हैं, ताकि सुबह जल्दी नंबर मिल सके। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा—सभी घंटों इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद कई लोगों को सुबह और दोपहर तक भी सिलिंडर नहीं मिल पाता और खाली हाथ लौटना पड़ता है।
‘बुकिंग कराई, लेकिन सिलिंडर किसी और को दे दिया’
समस्या सिर्फ देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि गड़बड़ी के आरोप भी सामने आने लगे हैं। पुरवा तहसील के दतौली गांव निवासी रामनरेश ने शिकायत की है कि उन्होंने मार्च में गैस बुक कराई थी, लेकिन एजेंसी ने उनका सिलिंडर किसी और को दे दिया। विरोध करने पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
720 सिलिंडर आए, फिर भी 150 लोग खाली हाथ
औरास की ईश्वरीय कृपा इंडेन एजेंसी पर नौ दिन बाद 720 सिलिंडर पहुंचे, लेकिन यहां भी स्थिति नहीं संभली। सुबह से लगी लाइन के बावजूद 150 उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर के लौटना पड़ा। नाराज लोगों ने एजेंसी पर मनमानी और कालाबाजारी के आरोप लगाए। सूचना पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। उपभोक्ताओं का कहना है कि रात के समय घरेलू गैस सिलिंडर 1500 से 1800 रुपये तक में बेचे जाने की चर्चा है। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई है।
आपूर्ति कम, उपभोक्ता ज्यादा
एजेंसी संचालकों का कहना है कि समस्या की जड़ सप्लाई की कमी है। एक एजेंसी के मुताबिक, उनके यहां 15 हजार से ज्यादा उपभोक्ता हैं, लेकिन अप्रैल में अब तक सिर्फ 2160 सिलिंडर ही मिले हैं। ऐसे में सभी को समय पर गैस देना संभव नहीं हो पा रहा।
अधिकारियों का दावा—स्थिति सुधर रही
पूर्ति विभाग का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, कार्रवाई होगी। जिला पूर्ति अधिकारी राज बहादुर ने बताया कि सभी एजेंसियों की निगरानी की जा रही है और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
सप्लाई फेल, भरोसा भी डगमगाया
उन्नाव में गैस संकट अब सिर्फ सप्लाई की दिक्कत नहीं रह गया है, बल्कि भरोसे का भी संकट बनता जा रहा है। एक तरफ लोग हफ्तों इंतजार कर रहे हैं, दूसरी तरफ कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप हालात को और बिगाड़ रहे हैं। जब तक सप्लाई और निगरानी दोनों मजबूत नहीं होतीं, तब तक आम उपभोक्ता की परेशानी कम होती नहीं दिख रही।
“न नौ मन तेल होगा…” : उन्नाव में साक्षी महाराज का विपक्ष पर तंज
Tue, Apr 21, 2026
मुफ्त बिजली और आर्थिक मदद के वादों पर निशाना, अखिलेश यादव को दी नसीहत
उन्नाव। भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने मंगलवार को अपने उन्नाव स्थित कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बातचीत के दौरान उनका फोकस खास तौर पर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर रहा।
अखिलेश पर निशाना, मुलायम की दी सीख की याद
साक्षी महाराज ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता मुलायम सिंह यादव से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने मुलायम सिंह को “जमीनी नेता” बताते हुए कहा कि राजनीति में व्यवहार और संवाद की अहमियत समझनी चाहिए। उन्होंने एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंच पर मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव का हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देकर आशीर्वाद दिया था। सांसद के मुताबिक, लोकसभा में भी मुलायम सिंह यादव ने मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ की थी और यह बात राजनीति में परिपक्वता का उदाहरण है।
चुनावी वादों पर तंज
पत्रकारों के सवालों के जवाब में साक्षी महाराज ने विपक्ष के चुनावी वादों को लेकर भी कटाक्ष किया। मुफ्त बिजली और महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे वादों पर उन्होंने कहा कि यह सब “जमीन पर उतरने वाला नहीं है।” उन्होंने मुहावरे के अंदाज में कहा कि “न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी”, यानी ऐसे वादे सिर्फ घोषणा तक ही सीमित रह जाते हैं। उनका कहना था कि अब जनता भी इन बातों को समझने लगी है और केवल वादों से प्रभावित नहीं होती।
नारी वंदन अधिनियम पर विपक्ष पर आरोप
सांसद ने महिला आरक्षण से जुड़े नारी वंदन अधिनियम को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए गंभीर है, लेकिन विपक्ष ने इसमें भी शर्तें जोड़कर प्रक्रिया को कठिन बनाया। उन्होंने बताया कि जब विपक्ष ने 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग रखी, तब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर तुरंत विचार की बात कही थी। इसके बावजूद विपक्ष का रुख सहयोगात्मक नहीं रहा, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
लोकसभा सीटों में असमानता का मुद्दा
साक्षी महाराज ने एक अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में लोकसभा क्षेत्रों के आकार और मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर है। कुछ सीटों पर 40 से 48 लाख मतदाता हैं, जबकि कुछ जगहों पर यह संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार इस असमानता को दूर करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रतिनिधित्व संतुलित हो सके।
सांस्कृतिक पहचान पर भी जोर
अपने दूसरे बयान में साक्षी महाराज ने देश की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति से है और इसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने मां काली, सुभाष चंद्र बोस, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रामकृष्ण परमहंस जैसे महान व्यक्तित्वों को याद करते हुए कहा कि यह देश उनकी विरासत से बना है और इसे बदला नहीं जा सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले क्रांतिकारियों को भी नमन किया और कहा कि देश को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।