: ड्यूटी खत्म, पर जज्बा बरकरार - जवान ने बचाई दो युवकों की जान
Tue, Oct 21, 2025
20 फीट गहरे नाले में कूदकर बचाई जान, एसपी ने किया सम्मान का ऐलान
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। थाना हसनगंज में तैनात पीआरवी के जवान मनोज कुमार पाल ने ड्यूटी खत्म होने के बाद भी ऐसा साहस दिखाया कि हर कोई उनकी तारीफ करने लगा। मंगलवार शाम वह घर लौट रहे थे, तभी नवई और लालपुर गांव के बीच सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके। पता चला कि एक युवक बाइक समेत नाले में गिरकर डूब रहा है, जबकि उसका साथी सड़क पर घायल पड़ा है। बिना देर किए मनोज कुमार पाल ने वर्दी सहित करीब 20 फीट गहरे नाले में छलांग लगा दी। डूबते युवक को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकाला और स्थानीय लोगों की मदद से बाइक को भी ऊपर खींच लिया। इसके बाद दोनों घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी हसनगंज भेजवाया गया।
बचाए गए युवकों की पहचान विवेक पुत्र प्यारेलाल (22) निवासी मटियारी, लखनऊ और पप्पू पुत्र छंगा निवासी कांथा, थाना असोहा, जनपद उन्नाव के रूप में हुई। दोनों युवक मोहान से कांथा लौट रहे थे, तभी अचानक बाइक अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। डॉक्टरों ने दोनों को सुरक्षित बताया है।
घटना की जानकारी जब एसपी जय प्रकाश सिंह तक पहुंची तो उन्होंने पीआरवी जवान मनोज कुमार पाल की वीरता और मानवता की सराहना की। एसपी ने उनके उत्साहवर्धन के लिए नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
स्थानीय लोगों ने भी कहा कि अगर पीआरवी जवान समय पर मौके पर न पहुंचते और नाले में न कूदते, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
: पुलिस स्मृति दिवस पर शौर्य और बलिदान को किया याद
Tue, Oct 21, 2025
एसपी बोले – शहादत देने वालों का नाम सम्मान से हमेशा लिया जाएगा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। पुलिस लाइन में मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस श्रद्धा और सम्मान के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों ने अपने उन साथियों को याद किया जिन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
कार्यक्रम की शुरुआत परेड से हुई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने शहीद पुलिसकर्मियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने वाला हर जवान समाज की सुरक्षा के लिए हर पल तैयार रहता है। कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो जाते हैं, उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
एसपी ने कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों ने जिस हिम्मत और ईमानदारी से अपना फर्ज निभाया, वो सभी के लिए मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि शहादत देने वालों का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। शहीदों की याद हमें अपना काम ईमानदारी और समर्पण से करने की प्रेरणा देती है।
इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ सिटी दीपक यादव, अन्य क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया।कार्यक्रम के अंत में पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच शहीदों को सलामी दी गई। पूरा परिसर “अमर रहे हमारे शहीद” के नारों से गूंज उठा और सभी की आंखें नम हो गईं।
: प्रदूषण पर देर से नींद खुली, एक फैक्ट्री सील, तीन को नोटिस
Tue, Oct 21, 2025
मृत जानवरों को काटने का अवैध कारोबार उजागर, चांदपुर में फैली थी बदबू
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। जिले के औद्योगिक इलाकों में फैल रहे प्रदूषण को लेकर आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। मृत जानवरों को अवैध रूप से काटने और गंध फैलाने की शिकायतों के बाद तीन फैक्टरियों को नोटिस जारी किया गया, जबकि एक फैक्ट्री को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई दो अलग-अलग जांच टीमों की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा की गई।
15 अक्तूबर को हुई दिशा समिति की बैठक में दही चौकी और बंथर औद्योगिक क्षेत्र से उठ रही दुर्गंध पर जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए थे। इस पर जिलाधिकारी ने उद्योग, पशुपालन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों को मौके पर जांच के निर्देश दिए थे। टीमों ने जब निरीक्षण किया तो चांदपुर क्षेत्र में अयान कुरैशी नाम के व्यक्ति द्वारा मृत जानवरों को काटने, हड्डियां और चमड़ा निकालने का अवैध काम चलते पाया गया। वहां फैली तेज दुर्गंध से स्थानीय लोग परेशान थे। रिपोर्ट में नियमों के खुले उल्लंघन और पर्यावरण प्रदूषण के प्रमाण दर्ज किए गए, जिसके बाद प्रशासन ने स्थल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही, दही और बंथर क्षेत्र की तीन अन्य फैक्टरियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
हालांकि, कार्रवाई के बाद अब प्रशासन सक्रिय दिख रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदूषण विभाग ने देर से जागने की आदत बना ली है। शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन अफसरों ने तब ध्यान नहीं दिया। अब जब पूरे इलाके में गंध फैल चुकी है, तब जाकर नोटिस और सीलिंग की कार्यवाही की गई। लोगों का कहना है कि अगर विभाग समय पर कदम उठाता, तो हवा और पानी में यह जहर फैलने से रोका जा सकता था।
कार्रवाई के दौरान प्रदूषण फैलाने वाली तीनों इकाइयों के नाम प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किए। जब इस संबंध में जीएमडीआईसी करुणा राय से पूछा गया तो उन्होंने नाम याद न होने की बात कहकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग से पूछने की सलाह दी। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी हमेशा की तरह फोन उठाने से बचते रहे।
इस रवैये से साफ है कि फैक्ट्रियों पर कार्रवाई भले शुरू हो गई हो, लेकिन जिम्मेदारी तय करने में प्रशासनिक हिचक बरकरार है। अब देखना यह होगा कि सीलिंग और नोटिस की यह प्रक्रिया दिखावे से आगे बढ़कर वाकई में प्रदूषण पर रोक लगाने में कितनी कारगर साबित होती है।