: दोस्तीनगर बाईपास सड़क सात दिन में ध्वस्त, डीएम ने तीन सदस्यीय टीम बनाई
Sat, Oct 18, 2025
एक्सईएन ने ठीकरा बारिश और ओवरलोड वाहनों पर फोड़ा, दावा—मानकों के अनुसार हुआ निर्माण
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। 34 करोड़ की लागत से बना दोस्तीनगर बाईपास शुरू होने के कुछ ही दिन बाद टूट गया। सात दिन में ही सड़क जगह-जगह से उखड़ गई तो अब निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को 15 दिन में पूरी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। वर्ष 2024 में शुरू हुआ दोस्तीनगर बाईपास निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था। 7 अक्तूबर को पुलिस ने ट्रायल के तौर पर अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र से दही चौकी तक वाहनों का डायवर्जन शुरू किया। भारी वाहनों के चलने के कुछ ही दिन बाद सड़क जगह-जगह से धंस गई। 15 अक्तूबर को दिशा बैठक में एमएलसी अरुण पाठक ने इस मुद्दे को उठाया था। सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने बैठक के दौरान डीएम को जांच के निर्देश दिए थे।
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि जांच के लिए तीन अफसरों की टीम बनाई गई है। उन्होनें कहा कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट इसमें शामिल हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार पर मनमानी के आरोप
विभागीय सूत्रों का कहना है कि बाईपास का निर्माण कार्य ठेकेदार ने मनमानी तरीके से कराया। 34 करोड़ की स्वीकृत लागत वाली इस परियोजना का टेंडर ठेकेदार ने 30 प्रतिशत कम दर पर लिया था। परियोजना साल 2016 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन दरें उसी समय की लगाई गईं। कम दर पर काम मिलने के बाद भी जिम्मेदारों ने गुणवत्ता पर नजर नहीं रखी। नतीजा यह हुआ कि सड़क सात दिन भी नहीं टिक सकी।
एक्सईएन बोले– बारिश और ओवरलोड वाहन जिम्मेदार
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने सड़क टूटने की वजह बारिश और ओवरलोड वाहनों को बताया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पटरी बनाने के लिए मिट्टी खोदी गई थी, जिससे बारिश का पानी भर गया। नमी और भारी वाहनों के दबाव से सड़क धंस गई। उनका दावा है कि निर्माण पूरी तरह मानकों के अनुसार किया गया था। सड़क में 48 सेंटीमीटर मोटाई तक कंक्रीट की परत डाली गई थी। एक्सईएन ने बताया कि यह सड़क 30 से 40 टन तक भार वहन करने के लिए बनाई गई है, जबकि फिलहाल 50 टन से ज्यादा लोड वाले ट्रक इस पर गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही गुणवत्ता जांच की जाती, तो करोड़ों रुपये की सड़क इतनी जल्दी जवाब नहीं देती। अब निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर हैं कि सात दिन में ढहने वाली इस सड़क की सच्चाई आखिर क्या निकलती है।
: मिशन शक्ति के तहत छात्राओं ने लिया नारी सम्मान और सुरक्षा का संकल्प
Fri, Oct 17, 2025
एसपी जय प्रकाश सिंह बोले- आत्मरक्षा और साइबर जागरूकता नारी सशक्तिकरण की बुनियाद
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। सरकार की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण के तहत शुक्रवार को सोहरामऊ स्थित आईपीएसआर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस में महिलाओं और बालिकाओं को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज परिसर में छात्राओं और शिक्षकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मिशन शक्ति और साइबर सुरक्षा से जुड़ी वीडियो क्लिप दिखाई गईं, जिनसे छात्राओं को आत्मरक्षा और डिजिटल सुरक्षा की अहमियत समझाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक उन्नाव जय प्रकाश सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में आत्मरक्षा और साइबर जागरूकता नारी सशक्तिकरण की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त नारी ही समृद्ध प्रदेश की पहचान है और मिशन शक्ति अभियान इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
वहीं सीओ सफीपुर सोनम सिंह ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबर — 1090, 1076, 181, 1930, 112, 102 और 108 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर सजग रहना जरूरी है ताकि कोई व्यक्ति ठगी या ऑनलाइन शोषण का शिकार न हो। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग समझदारी से किया जाए, तभी यह शक्ति का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता पर एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी, जिसे सभी ने खूब सराहा। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि अगर हर लड़की खुद को मजबूत बनाए तो समाज में कोई उसे कमजोर नहीं कर सकता।कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से निभा सकती हैं।सभी छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे नारी सुरक्षा, सम्मान और समानता का संदेश हर घर और समाज के हर कोने तक पहुँचाएँगी।
: घर की राह मुश्किल, ट्रेनों में जगह नहीं, प्रीमियम तत्काल से उम्मीद
Fri, Oct 17, 2025
ट्रेनों में टिकट के लिए मची मारामारी, वेटिंग 200 पार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार करीब हैं, लेकिन घर लौटने की चाह में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, गुजरात, नोएडा और बिहार जैसे राज्यों में काम करने वाले उन्नाव जिले के लोग इन दिनों टिकट को लेकर परेशान हैं। ज्यादातर ट्रेनों में वेटिंग 200 से भी ऊपर पहुंच गई है, जिससे घर जाने की उम्मीदें अधर में लटकी हैं। रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटरों पर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सुबह से लाइन में लगते हैं, लेकिन टिकट न मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ता है। तत्काल टिकट का कोटा भी कुछ ही मिनटों में खत्म हो रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दीपावली और छठ पर्व से पहले हर साल यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इस बार भी स्थिति वैसी ही है। ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें पहले से ही फुल हैं। उन्नाव से होकर गुजरने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस और कामायनी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। दिल्ली और बिहार रूट की ट्रेनों में वेटिंग 150 से 200 तक पहुंच चुकी है, जबकि मुंबई जाने वाली ट्रेनों में यह आंकड़ा 100 के करीब है।
वहीं स्टेशन पर टिकट दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि एजेंट भारी रकम लेकर कन्फर्म टिकट दिलाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि रेलवे प्रशासन ने ऐसे लोगों पर सख्त निगरानी की बात कही है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अतिरिक्त कोच लगाने और कुछ ट्रेनों में स्पेशल सर्विस शुरू करने की संभावना पर विचार चल रहा है, ताकि त्योहारी भीड़ में यात्रियों को राहत मिल सके।
उन्नाव के रहने वाले विनोद कुमार, जो नोएडा में काम करते हैं, ने बताया, “हर साल जैसे-तैसे टिकट मिल जाता था, लेकिन इस बार तो वेटिंग कम ही नहीं हो रही। अब बस यही उम्मीद है कि स्पेशल ट्रेनें चलें तो घर पहुंच सकें। त्योहार की तैयारियों के बीच रेलवे स्टेशनों की रौनक तो बढ़ी है, लेकिन टिकट न मिलने की वजह से लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है।
त्यौहारी भीड़ ने बढ़ाई रेल यात्रियों की मुश्किलें
हर साल दीपावली और छठ के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह जनपदों की ओर लौटते हैं। ऐसे में रेलवे पर अतिरिक्त बोझ पड़ना आम बात है। लेकिन इस बार स्थिति पिछले वर्षों से भी अधिक चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। रेलवे के अधिकारी मानते हैं कि इस साल त्योहार एक साथ पड़ने के कारण भीड़ अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। दीपावली 20 अक्टूबर के आसपास पड़ रही है, जबकि छठ पूजा 25 से 28 अक्टूबर तक रहेगी।
बस और फ्लाइट का किराया भी आसमान पर
रेलवे टिकटों की कमी का सीधा असर बस और हवाई किराए पर पड़ा है।लखनऊ से दिल्ली, मुंबई और पटना जाने वाली प्राइवेट बसों का किराया 40 से 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं फ्लाइट का किराया तीन से छह गुना तक महंगा हो चुका है। जानकारों का कहना है कि जैसे-जैसे दीपावली करीब आएगी, किराया और बढ़ सकता है। ट्रैवल एजेंट्स का अनुमान है कि इस बार त्योहारों में घर जाने का खर्च औसतन 30 से 50 प्रतिशत ज्यादा पड़ेगा।
तत्काल और प्रीमियम तत्काल का सहारा
जो लोग कंफर्म टिकट पाने की कोशिश में हैं, वे अब तत्काल या प्रीमियम तत्काल बुकिंग की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि इन टिकटों की कीमत सामान्य से कहीं अधिक होती है, लेकिन यात्रियों के पास विकल्प भी सीमित हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर ट्रेन में कुछ सीटें प्रीमियम तत्काल कोटे में रखी जाती हैं, लेकिन वे भी कुछ मिनटों में फुल हो जाती हैं।
रेलवे ने यात्रियों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए
यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय से बुक करें।
केवल आधिकारिक वेबसाइट या काउंटर से ही टिकट लें।
प्रतीक्षा सूची की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें।
अनधिकृत दलालों या एजेंटों के झांसे में न आएं।
फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।