: स्वच्छ भारत अभियान के तहत भरत मिलाप मैदान में चला सफाई अभियान
Thu, Sep 18, 2025
दुकानदारों व क्षेत्रवासियों को बांटे कपड़े के थैले और डस्टबिन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से लेकर महात्मा गांधी जयंती (02 अक्टूबर) तक चल रहे “स्वच्छतोत्सव – स्वच्छता ही सेवा 2025” अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अध्यक्षा श्वेता मिश्रा के नेतृत्व में नगर क्षेत्र के भरत मिलाप मैदान में व्यापक सफाई एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पालिका की टीम और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं सफाई अभियान में हिस्सा लिया। मैदान और आसपास की गलियों की साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसके बाद दुकानदारों और क्षेत्रवासियों को कपड़े के थैले, झोले और डस्टबिन वितरित किए गए। लोगों को प्लास्टिक के कम से कम उपयोग और कचरे को अलग-अलग करने की आदत अपनाने का आग्रह किया गया।
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान भर नहीं, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री जी ने देश को स्वच्छ भारत का सपना दिया है, जिसे हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को साफ-सुथरा रखकर साकार करना है। मैं नगर वासियों से अपील करती हूं कि प्लास्टिक का प्रयोग कम करें और कचरे को अलग-अलग करके ही डस्टबिन में डालें।
वहीं, भाजपा नेता एवं पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण भानू मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के संकल्प को धरातल पर उतारना हम सबकी जिम्मेदारी है। नगर पालिका परिषद द्वारा लगातार सफाई और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि उन्नाव शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।
कार्यक्रम में सभासद दीपक दीक्षित मोनू, आराफात बेग, पालिका कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।अभियान के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र को साफ रखेंगे और स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
: संकट की घड़ी में आगे आए समाजवादी पार्टी नेता अंकित परिहार
Thu, Sep 18, 2025
निजी स्तर से अस्पताल में जमा कराई धनराशि
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के सुमेरपुर ब्लॉक के बिहार गांव निवासी शिवनारायण लोधी हाल ही में एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गए थे। गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शुरुआती इलाज के खर्चे किसी तरह पूरे किए गए, लेकिन आगे के उपचार के लिए बड़ी मुश्किल सामने खड़ी हो गई। इस कठिन घड़ी में समाजवादी पार्टी के नेता अंकित परिहार मदद के लिए आगे आए। उन्होंने न सिर्फ परिवार का हालचाल लिया बल्कि इलाज के लिए निजी स्तर पर धनराशि भी उपलब्ध कराई। उनकी इस पहल से परिजनों को बड़ी राहत मिली और ग्रामीणों ने भी उनके कदम की सराहना की।
नेता पहुंचे घर
इस स्थिति की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी नेता अंकित परिहार बुधवार को शिवनारायण लोधी के आवास पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर स्वास्थ्य और इलाज की पूरी जानकारी ली।
आर्थिक सहायता से मिली राहत
परिहार ने अपने निजी सहयोग से अस्पताल में आवश्यक धनराशि जमा कराई और उसकी रसीद परिवारजनों को सौंपी। इससे शिवनारायण लोधी का उपचार जारी रखने में परिवार को राहत मिली।
शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना
अंकित परिहार ने कहा कि आर्थिक तंगी की वजह से किसी का इलाज बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने शिवनारायण लोधी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और आश्वस्त किया कि हर संभव मदद आगे भी दी जाएगी।
ग्रामीणों ने सराहा कदम
गांव के लोगों ने इस पहल को सराहनीय बताया। उनका कहना है कि कठिन समय में अंकित परिहार ने जो मदद की, उससे परिवार को बड़ी राहत मिली है।
: सात साल से अधर में लटक रही 264 करोड़ की अमृत योजना
Thu, Sep 18, 2025
नगर पालिका ने लीकेज का हवाला देकर खारिज किया जलनिगम का प्रस्ताव, केवल दो जोन लेने को तैयार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। उन्नाव। शुद्ध पानी का सपना देखने वाले शहरवासियों को अमृत योजना की हकीकत अब तक केवल अधूरे वादों तक सीमित है। 264 करोड़ की लागत से बनी यह योजना सात साल बाद भी अधर में लटकी हुई है। तय समय सीमा बीतने के डेढ़ महीने बाद भी लोगों को नलों से शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा।काम पूरा बताने वाले जलनिगम के दावों की पोल टेस्टिंग के दौरान ही खुल गई, जब महज एक महीने में 37 जगह पाइप लाइनें फूट गईं। नगर पालिका ने जिम्मेदारी लेने से इंकार करते हुए साफ कहा कि केवल दो जोन ही संतोषजनक पाए गए हैं और वह भी शर्त के साथ। गली-कूचों में खोदी गई सड़कें, जगह-जगह पड़े गड्ढे और बार-बार लीकेज ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। छह साल से रेंग रही परियोजना से शहरवासियों का भरोसा डगमगा गया है। निर्माण एजेंसी पर तीन बार जुर्माना लगाने के बाद भी काम की रफ्तार नहीं बदली। लगातार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद योजना की तस्वीर जस की तस है। शहर के 32 वार्डों के 30,298 घरों में अब तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना अधूरा है। सात साल बाद भी योजना का भविष्य अधर में लटका है और आम लोगों की प्यास ट्यूबवेलों से ही बुझ रही है।
सात जोन पूरे बताए, टेस्टिंग में 37 जगह फूटे पाइप
जलनिगम का दावा है कि शहर के दस में से सात जोन का काम पूरा हो चुका है और तीन जोन अंतिम चरण में हैं। मार्च में सात जोन नगर पालिका को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। लेकिन टेस्टिंग के दौरान केवल एक महीने में ही 37 जगह पाइपलाइनें फट गईं। इसके बाद नगर पालिका ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया।
केवल दो जोन पर बनी सहमति
नगर पालिका का कहना है कि केवल दो जोन (जोन-6 शेखपुर और जोन-7 अकरमपुर) ही 90 फीसदी संतोषजनक पाए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी भी तभी ली जाएगी जब जल निगम या निर्माण एजेंसी एक साल तक रखरखाव की गारंटी दे।
जांच टीम ने खामियां उजागर कीं
डीएम गौरांग राठी ने मामले की गंभीरता देखते हुए एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाई थी। इस टीम ने पहले चरण में चार जोन (शेखपुर, अकरमपुर, सिविल लाइंस और लोकनगर बंदूहार) की जांच कर खामियों को चिह्नित किया। जल निगम ने सुधार का दावा किया, लेकिन सिविल लाइंस क्षेत्र में अब भी कई जगह पाइप लाइनें लीक हो रही हैं।
सात साल से रेंग रही योजना
दिसंबर 2018 में योजना की शुरुआत हुई थी और जून 2020 तक काम पूरा होना था। लेकिन डेडलाइन बार-बार बढ़ती रही—मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, दिसंबर 2023, मार्च 2024, अक्टूबर 2024, नवंबर 2024, मार्च 2025 और फिर जुलाई 2025 तक। 13 बार समय सीमा बढ़ने के बाद भी परियोजना अधूरी है।
तीन बार जुर्माना, फिर भी लापरवाही
निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर जल निगम ने अब तक तीन बार जुर्माना लगाया है।
जून 2023 में सड़कों की मरम्मत न कराने और गलत रिपोर्ट देने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना।
नवंबर 2023 में लेटलतीफी को लेकर 5.50 करोड़ रुपये का जुर्माना।
सितंबर 2024 में काम में देरी पर 5.90 करोड़ रुपये का जुर्माना।
कुल मिलाकर 12.40 करोड़ का दंड लग चुका है, लेकिन एजेंसी की रफ्तार अब भी सुस्त है।
नगर पालिका ने जताई कड़ी आपत्ति, निगम ने बताया काम लगभग पूरा
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि पाइप लाइनें रोज कहीं न कहीं फूट जाती हैं। नगर पालिका लगातार कुछ महीने जलापूर्ति होते देखेगी तभी जिम्मेदारी लेगी। अभी केवल दो जोन ही लेने को तैयार हैं, वह भी शर्त के साथ कि एक साल तक रखरखाव जल निगम या निर्माण एजेंसी करे।
नगरपालिका ईओ एसके गौतम ने बताया कि एक-डेढ़ साल से टेस्टिंग हो रही है, लेकिन निर्बाध जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अभी नगर पालिका के 24 ट्यूबवेल ही पानी की सप्लाई कर रहे हैं। जिन जोन में लीकेज पूरी तरह खत्म हो गए हैं केवल उन्हीं की जिम्मेदारी ली जाएगी। हमारे पास रखरखाव का बजट नहीं है।
जलनिगम एक्सईएन पंकज रंजन झा ने बताया कि शहर के दस में सात जोन पूरे हो चुके हैं। टेस्टिंग के दौरान आने वाली समस्याओं को ठीक करा दिया गया है। चार जोन नगर पालिका को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी जोन भी जल्द पूरे कर दिए जाएंगे।