जेन-अल्फा का हल्लाबोल : बदहाल व्यवस्था पर सड़क पर उतरे स्कूली छात्र
Wed, Aug 19, 2026
जेन-अल्फा की आवाज सुनने पहुंचे डीएम-एसपी, बच्चों संग किया नाश्ता
शिक्षकों की कमी और खाने-पानी की शिकायतों पर छात्रों का चक्काजाम, जांच का मिला भरोसा
उन्नाव। जेन-जी के बाद अब जेन-अल्फा की आवाज भी जनपद में सड़क पर सुनाई दी। हसनगंज तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत न्योतनी स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय के 250 से अधिक छात्र बुधवार को विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं और सुविधाओं के अभाव को लेकर सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने मोहान-बांगरमऊ मार्ग स्थित मोहान तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन से राहगीरों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। छात्रों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, पेयजल और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना था कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान बच्चे शिक्षा मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग पर भी अड़े रहे।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
छात्रों के अनुसार विद्यालय में बायोलॉजी, फिजिक्स, सोशल साइंस और गणित के शिक्षक स्थानांतरण के बाद चले गए हैं। उनकी जगह नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई। छात्रों ने बताया कि संस्कृत के शिक्षक भी करीब छह साल से नहीं हैं। उनका आरोप है कि जो शिक्षक तैनात हैं, उनमें से कुछ नियमित रूप से कक्षाएं नहीं लेते, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
खाने से लेकर पानी तक पर सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मेस के खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भोजन बनाने वाली जगह पर स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता। छात्रों ने रोज-रोज बैंगन की सब्जी परोसे जाने और हलवा समेत अन्य खाद्य सामग्री में पर्याप्त सामग्री नहीं होने की शिकायत की। छात्रों ने विद्यालय और हॉस्टल में पेयजल की समस्या भी बताई। उनका आरोप है कि दूषित पानी पीने से कई बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बीमार होने पर समय से इलाज नहीं मिलने की बात भी छात्रों ने कही। वहीं, गर्मी के बावजूद हॉस्टल के कई पंखे खराब होने की शिकायत की गई।
कर्मचारियों पर भी लगाए आरोप
छात्रों ने विद्यालय के कुछ कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि रात करीब एक बजे अनुचित वेशभूषा में छात्रों के कमरों में आते हैं। इससे हॉस्टल में रहने वाले छात्र असहज और असुरक्षित महसूस करते हैं। छात्रों ने इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की। हालाकिं इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
एडीएम और एएसपी पहुंचे, सुनी बच्चों की बात
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एडीएम सुशील कुमार गोंड और एएसपी अखिलेश सिंह ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने बच्चों को उनकी शिकायतों के समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
डीएम-एसपी ने बच्चों संग किया नाश्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी विद्यालय पहुंचे। उनके साथ सीडीओ कृति राज भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने बच्चों के बीच बैठकर नाश्ता किया और उनसे सीधे बातचीत की। डीएम और एसपी ने छात्रों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेकर नियमानुसार समाधान कराया जाएगा। डीएम एसपी और सीडीओ ने बच्चों को समझाया कि उनकी समस्याओं की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के साथ सीधे संवाद के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपना धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।
सीडीओ ने गठित की जांच टीम
सीडीओ कृति राज ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी और जो भी कमियां मिलेंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा।
तीन घंटे बाद खुला मोहान तिराहा
छात्रों के सड़क पर बैठने से मोहान-बांगरमऊ मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब तीन घंटे बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभालते हुए आवागमन सुचारु कराया।हसनगंज कोतवाली प्रभारी शरद कुमार ने बताया कि विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर मोहान तिराहे पर जाम लगाया था। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता की और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना समाप्त कर दिया। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
घायलों को देखा तो काफिला रोक दिया : एसपी ने अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
Tue, Aug 18, 2026
गश्त से लौटते समय अब्बासपुर मार्केट के पास सड़क पर मिले दो बाइक सवार
उन्नाव। पुलिस की वर्दी में ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के साथ इंसानियत की जिम्मेदारी भी होती है। मंगलवार रात एसपी जयप्रकाश सिंह ने इसका उदाहरण पेश किया। बांगरमऊ से गश्त कर लौटते समय अब्बासपुर मार्केट के पास सड़क पर घायल पड़े दो युवकों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। हालात की जानकारी लेने के बाद दोनों को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवाया। एसपी के इस व्यवहार की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की। मगरवारा निवासी देवांशु सिंह पुत्र मुन्नू सिंह और शिवम (23) पुत्र शिवचरण बाइक से सफीपुर से घर लौट रहे थे। अब्बासपुर मार्केट के पास अचानक उनकी बाइक के सामने गाय आ गई। कुछ ही पल में बाइक गाय से टकरा गई और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे में दोनों घायल हो गए। घटना के बाद दोनों सड़क पर पड़े थे। इसी दौरान एसपी जयप्रकाश सिंह की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने वाहन रुकवाकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिसकर्मियों की मदद से दोनों को अपनी गाड़ी में बैठवाया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का उपचार कराया गया। एसपी के इस कदम से यह भी संदेश गया कि सड़क पर किसी जरूरतमंद की मदद के लिए पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि अधिकारी भी मौके पर आगे आ सकते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि एसपी ने रास्ते से गुजरते हुए घायलों को नजरअंदाज करने के बजाय खुद रुककर मदद की, जो सराहनीय है।
सड़कों पर घूमते मवेशी फिर बने सवाल
हादसे की वजह बनी गाय ने जिले की सड़कों और हाईवे पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों की समस्या को भी सामने ला दिया है। कई प्रमुख मार्गों पर मवेशी कभी सड़क किनारे तो कभी बीच सड़क पर बैठे दिखाई देते हैं। रात में इनका नजर आना और भी मुश्किल होता है। अचानक सामने आने पर वाहन चालक नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि छुट्टा मवेशियों को सड़कों से हटाने और उनके लिए सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिन विभागों पर है, उनकी निगरानी कितनी प्रभावी है। हादसों के बाद राहत पहुंचाने के साथ-साथ हादसे की वजह बनने वाले कारणों को रोकने पर भी जिम्मेदारों को ध्यान देना होगा। सड़कों और हाईवे को छुट्टा मवेशियों से सुरक्षित करने की स्थायी व्यवस्था कब होगी, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
फर्म के रुपये हड़पने का आरोप : कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज
Tue, Aug 18, 2026
दुकानदारों से वसूले 82,283 रुपये जमा नहीं करने का आरोप, मांगने पर धमकी देने की भी शिकायत
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी स्थित एक फर्म में काम करने वाले युवक पर दुकानदारों से वसूले गए 82,283 रुपये फर्म में जमा न करने का आरोप लगा है। फर्म संचालक का आरोप है कि युवक ने दुकानदारों से बकाया रकम वसूल ली, लेकिन उसे फर्म में जमा करने के बजाय खुद खर्च कर लिया। रकम मांगने पर युवक और उसकी मां पर धमकी देने का भी आरोप है। थाने से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर दही पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दही थाना क्षेत्र के मनोहरनगर, आवास विकास कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार के मुताबिक उनकी फर्म में जवाहरनगर, अब्बास बाग निवासी सौरभ गौर करीब दो वर्ष छह माह तक काम करता था। फर्म में वह फेविकोल, एमसील, फेविक्विक समेत अन्य सामान फुटकर दुकानदारों को सप्लाई करने और उनसे भुगतान वसूलने का काम करता था।
दुकानदारों से रुपये लिए, फर्म में नहीं किए जमा
शिकायतकर्ता के अनुसार सौरभ दुकानदारों से सामान की बिक्री के रुपये वसूलकर फर्म में जमा करता था। आरोप है कि कई दुकानदारों से फर्म की बकाया धनराशि वसूलने के बाद उसने रकम फर्म में जमा नहीं की। जब फर्म की ओर से दुकानदारों से बकाया भुगतान के संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह सौरभ को पहले ही रकम दे चुके हैं। इसके बाद फर्म संचालक ने सौरभ से बकाया रकम जमा करने को कहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सौरभ पर 82,283 रुपये की धनराशि बकाया थी। काफी समय बीतने के बाद भी रकम जमा नहीं की गई।
छह माह में भुगतान का कराया समझौता
मुकेश का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर सौरभ की मां तुलसा, पत्नी स्वर्गीय रामकिशन, ने भी मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने बकाया रकम का भुगतान छह माह में करने की बात कहते हुए 11 सितंबर 2025 को कचहरी उन्नाव में नोटरी समझौता कराया। आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी रकम का भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसके बाद जब सौरभ से रुपये वापस करने के लिए कहा गया तो उसने कथित तौर पर धमकी दी। आरोप है कि सौरभ और उसकी मां ने धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की तथा जान-माल की धमकी दी।
थाने से कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे
मुकेश कुमार ने मामले की शिकायत दही थाने में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक उन्नाव को भी प्रार्थनापत्र भेजा। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर दही पुलिस ने सौरभ गौर और उसकी मां तुलसा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेचना में फर्म के अभिलेख, दुकानदारों से किए गए लेनदेन और बकाया रकम से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। आरोपों की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।