परिवार में मचा कोहराम : ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत
Tue, May 5, 2026
शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ हादसा, पुलिस कर रही वजह की पड़ताल
उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के मुताबिक, बिखरीपुर रुल गांव निवासी राहुल (35), पुत्र भजनु, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे किसी काम से बाहर निकले थे। इसी दौरान वह रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे, जहां अचानक जम्मू तवी ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। अपने बेटे की हालत देखकर परिजन बेसुध हो गए और माहौल गमगीन हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला हादसा लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि राहुल अपने परिवार में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पांच बहनें और तीन भाई हैं। उनकी अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ट्रेन की चपेट में किन परिस्थितियों में आया—क्या यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
तिरपाल फैक्ट्री में भीषण आग : लाखों का नुकसान, समय रहते टला बड़ा हादसा
Tue, May 5, 2026
शॉर्ट सर्किट की आशंका, दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
उन्नाव। मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तिरपाल बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास का इलाका घने धुएं से भर गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी जान बचाकर बाहर की ओर भागे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हो गया। कई फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते हुए टीम का नेतृत्व किया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब कई घंटों की लगातार कोशिश के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। तब तक फैक्ट्री में रखा तिरपाल और अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी कर्मचारी समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल टीम थोड़ी देर से पहुंचती, तो आग आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक फैल सकती थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
प्रीपेड बिजली मीटर पर ब्रेक : फिर लागू हुआ पुराना बिल सिस्टम
Tue, May 5, 2026
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद लिया गया फैसला, अब हर महीने आएगा बिल
उन्नाव। बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। बिजली विभाग ने जिले में लागू की गई प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को फिलहाल बंद कर दिया है। अब उपभोक्ताओं के कनेक्शन पहले की तरह पोस्टपेड सिस्टम पर ही चलेंगे, यानी हर महीने बिजली का बिल जारी होगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। दरअसल, जिले में बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया गया था। करीब 1.2 लाख मीटर लगाए गए, जिनमें शहर के लगभग 27 हजार उपभोक्ता शामिल हैं। मार्च महीने में इन मीटरों को पूरी तरह चालू भी कर दिया गया था। शुरुआत में इसे आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्था के तौर पर पेश किया गया, लेकिन लागू होते ही कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगीं। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली सप्लाई अपने आप बंद हो जाती थी। कई मामलों में उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि रिचार्ज करने के बाद भी बिजली तुरंत चालू नहीं होती थी और घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरों और छोटे कारोबारों पर सीधा असर पड़ा। ग्रामीण इलाकों में समस्या और ज्यादा गंभीर रही। वहां के उपभोक्ताओं को मोबाइल एप, ऑनलाइन पेमेंट और बैलेंस ट्रैक करने की प्रक्रिया समझने में दिक्कत हुई। कई लोगों के लिए यह सिस्टम नया और जटिल साबित हुआ, जिससे शिकायतों का सिलसिला लगातार बढ़ता गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीटर में पारदर्शिता की कमी भी महसूस हुई। ऊंटसार के जमाल मुस्तफा के मुताबिक,बिना किसी सूचना के बिजली कट जाती थी और बिल भी पहले से ज्यादा आने लगा। वहीं आवास विकास कॉलोनी के राहुल बताते हैं कि “रिचार्ज करने के बाद भी कई घंटे तक बिजली नहीं आती थी, जिससे काफी परेशानी होती थी।” इन्हीं शिकायतों को देखते हुए बिजली विभाग ने फिलहाल प्रीपेड व्यवस्था को रोकने और पुराने पोस्टपेड सिस्टम को जारी रखने का फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और तय समय में भुगतान करना होगा। इस फैसले से साफ है कि तकनीक लागू करने से पहले जमीनी स्तर पर उसकी तैयारी और समझ जरूरी है। फिलहाल के लिए उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे स्मार्ट मीटर व्यवस्था दोबारा कब और किस रूप में लागू होगी, इस पर नजर बनी रहेगी।