बैडमिंटन कोर्ट पर चमके जूनियर शटलर : विधायक ने किया सम्मानित
Tue, Aug 4, 2026
खेल से बढ़ता है आत्मविश्वास और अनुशासन : पंकज गुप्ता
उन्नाव। दीनदयाल उपाध्याय स्पोर्ट्स स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित योनेक्स-सनराइज यूपी स्टेट सब-जूनियर मेजर बैडमिंटन टूर्नामेंट-2026 की अंडर-13 प्रतियोगिता में खेल प्रतिभाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सदर विधायक पंकज गुप्ता ने खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका उत्साह बढ़ाया और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की शुरुआत में डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विधायक का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे बालक और बालिका खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया और उनके खेल की सराहना की। विधायक ने कहा कि छोटी उम्र में खिलाड़ियों का समर्पण और मेहनत यह बताती है कि भविष्य में यही बच्चे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम के साथ मिलकर काम करने की सोच विकसित करता है। नियमित खेल गतिविधियों से शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच देते हैं और उनमें बड़े स्तर पर खेलने का आत्मविश्वास पैदा करते हैं। विधायक ने खिलाड़ियों से कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है। सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी पूरी ईमानदारी, मेहनत और खेल भावना के साथ मैदान में उतरें। लगातार अभ्यास करने वाले खिलाड़ी ही आगे चलकर बड़ी सफलताएं हासिल करते हैं। प्रतियोगिता के समापन पर विधायक पंकज गुप्ता ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र और मेमेंटो देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से जिले में नई खेल प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, नवीन सिन्हा, प्रशिक्षक, खिलाड़ी, अभिभावक और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
चेहल्लुम पर निकला मातमी जुलूस : अकीदतमंदों ने हज़रत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया
Tue, Aug 4, 2026
ज़ेर खिड़की से निकला जुलूस चौधराना की शिया जामा मस्जिद पहुंचकर हुआ संपन्न
उन्नाव। करबला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मंगलवार को चेहल्लुम के मौके पर शहर में पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। पूरे शहर में गम और अकीदत का माहौल रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद काले लिबास में जुलूस में शामिल हुए और "या हुसैन" की सदाओं के बीच मातम कर इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मातमी जुलूस शहर के ज़ेर खिड़की क्षेत्र से शुरू हुआ और तय मार्गों से गुजरते हुए चौधराना स्थित शिया जामा मस्जिद पहुंचकर संपन्न हुआ। रास्ते भर अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम किया। जुलूस में शामिल लोगों ने करबला की कुर्बानी को याद करते हुए इंसानियत, सच्चाई और जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े रहने का पैगाम दिया। जुलूस में शामिल ज़ुल्जना, ताबूत और आलम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। अकीदतमंद पूरे अनुशासन के साथ जुलूस में शामिल हुए। कई जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं। चेहल्लुम के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। किसी भी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। धार्मिक आयोजनों के बीच शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक भी देखने को मिली। लोगों ने आपसी भाईचारे और अमन का संदेश देते हुए चेहल्लुम की रस्मों को पूरी अकीदत और शांति के साथ अंजाम दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने लिपिक को किया सस्पेंड : दफ्तर पर लग गए दो ताले
Tue, Aug 4, 2026
अनुशासनहीनता और गोपनीयता भंग करने का आरोप, बाबू बोले- मुझे जानबूझकर निशाना बनाया गया
उन्नाव। अचलगंज नगर पंचायत में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब नगर पंचायत अध्यक्ष ने कार्यालय में तैनात लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय के रिकॉर्ड को लेकर भी स्थिति असामान्य हो गई। बताया गया कि निलंबित लिपिक अपने कक्ष में ताला लगाकर उसकी चाबी अपने साथ ले गए। इसके बाद अभिलेखों की सुरक्षा को देखते हुए अधिशासी अधिकारी ने उसी कक्ष पर दूसरा ताला लगवा दिया। जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत के गठन के समय से धीरेंद्र यादव कार्यालय लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा ने 31 जुलाई को अपने प्रशासनिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में लिपिक पर कार्यालय की गोपनीय जानकारी बाहर साझा करने और अनुशासनहीनता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई से अवगत कराया गया है। निलंबन की सूचना मिलते ही कार्यालय का माहौल गरमा गया। बताया जाता है कि धीरेंद्र यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में ताला लगा दिया और चाबी अपने साथ लेकर चले गए। इससे जरूरी सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा और कार्यालय संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद ईओ शालिनी त्रिपाठी ने एहतियात के तौर पर उसी कक्ष पर दूसरा ताला लगवा दिया, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रह सकें। उधर, निलंबित लिपिक धीरेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाते हुए यह कार्रवाई की गई है। उनका दावा है कि उचित मंच पर वह अपना पक्ष रखेंगे। ईओ शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि लिपिक को निलंबित करने का अधिकार नगर पंचायत अध्यक्ष के पास है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में रखे सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए एहतियातन कार्यालय कक्ष पर दूसरा ताला लगाया गया है। फिलहाल पूरे मामले की नगर पंचायत में चर्चा बनी हुई है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर है।