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पूरा भुगतान फिर भी जीएसटी बकाया : मेडिकल स्टोर संचालक ने थोक दवा व्यापारी पर दर्ज कराई एफआईआर

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Feb 11, 2026
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चार लाख से ज्यादा टैक्स नोटिस मिलने के बाद खुला मामला, पुलिस ने शुरू की जांच

उन्नाव। शहर के एक मेडिकल स्टोर संचालक ने कानपुर के दवा थोक व्यापारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि दवाओं का पूरा भुगतान और जीएसटी देने के बावजूद थोक विक्रेता ने सरकार के खाते में टैक्स जमा नहीं किया। अब विभाग की ओर से लाखों रुपये का नोटिस आने पर मामला खुलकर सामने आया है। आदर्शनगर मोहल्ला निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा का शहर में मेडिकल स्टोर है। उनका कहना है कि वह पश्चिमखेड़ा निवासी मेसर्स गुडवेज फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक आफाक अहमद से नियमित रूप से दवाएं खरीदते रहे हैं। वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान भी उन्होंने दवाएं खरीदीं और बिल के साथ जीएसटी की रकम भी अदा की।
राजेंद्र वर्मा के मुताबिक, हाल ही में उन्हें जीएसटी विभाग से नोटिस मिला। नोटिस में वर्ष 2019 से 2021 तक के लिए 4.11 लाख रुपये और वर्ष 2020-21 के लिए 1.10 लाख रुपये टैक्स बकाया बताया गया। यह देखकर वह चौंक गए, क्योंकि उनके अनुसार हर खरीद पर उन्होंने पूरा भुगतान किया था। मामले की तह तक जाने के लिए उन्होंने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2019-20 में लगभग 10.45 लाख रुपये की दवाओं की खरीद पर करीब 1.11 लाख रुपये जीएसटी के रूप में भुगतान किया गया था। इसी तरह अन्य लेनदेन में भी टैक्स की रकम चुकाई गई थी। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद भी संबंधित थोक व्यापारी ने सरकार के पोर्टल पर टैक्स जमा नहीं किया, जिसकी वजह से विभाग ने रिटेलर को ही देनदार मानते हुए नोटिस जारी कर दिया। राजेंद्र वर्मा का कहना है कि उन्हें अब दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ उन्होंने व्यापारी को टैक्स सहित भुगतान किया, दूसरी ओर विभाग की ओर से बकाया चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह सीधा आर्थिक नुकसान और विश्वासघात का मामला है। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और संबंधित पक्षों से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जीएसटी से जुड़े मामलों में यह प्रकरण छोटे व्यापारियों के लिए चेतावनी भी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कारोबारियों को समय-समय पर जीएसटी पोर्टल पर अपने लेनदेन का मिलान करते रहना चाहिए, ताकि किसी और की लापरवाही का खामियाजा उन्हें न भुगतना पड़े।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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