बोर्ड बैठक का विवाद फिर गरमाया : पालिका कार्यालय में सभासदों और चेयरमैन समर्थक भिड़े
Fri, Jul 24, 2026
गाली-गलौज के बाद धक्का-मुक्की, हंगामे में कार्यालय के शीशे टूटे; पुलिस ने पहुंचकर संभाली स्थिति
उन्नाव। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों के द्वारा फोटो खींचने को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार को एक बार फिर मामला गरमा गया। पालिका कार्यालय में सभासदों और चेयरमैन समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हंगामे के दौरान पालिका अध्यक्ष के चैंबर दरवाजा और कुछ शीशे भी टूट गए। सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह मामला शांत कराया। बताया गया कि नगर पालिका परिषद की छठवीं बोर्ड बैठक के दौरान कुछ बाहरी लोगों के फोटो खींचने को लेकर विवाद हो गया था। कुछ सभासदों ने इसका विरोध किया था। मामले को लेकर कुछ सभासद बैठक से उठकर बाहर चले गए थे। इसके बाद विवाद को खत्म कराने के लिए अध्यक्ष समर्थकों और सभासदों के बीच सुलह-समझौते की बातचीत भी हुई थी। शनिवार को इसी विवाद को लेकर एक बार फिर पालिका परिसर में माहौल बिगड़ गया। सभासदों और चेयरमैन समर्थक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इससे पालिका कार्यालय में अफरातफरी मच गई। हंगामे के दौरान चेयरमैन चैंबर के रुम के शीशे और दरवाजा टूटने से मामला और गंभीर हो गया। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कराकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद पालिका परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
बोर्ड बैठक के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
पालिका में शनिवार को हुआ विवाद कुछ दिन पहले हुई बोर्ड बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और शिकायत के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव के संगठनों ने कहा : ‘जौहर यूनिवर्सिटी को बचाइए’
Fri, Jul 24, 2026
38 शैक्षणिक इमारतों को गिराने के आदेश के खिलाफ राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
उन्नाव। रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 शैक्षणिक इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ शुक्रवार को उन्नाव में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने आवाज बुलंद की। संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और विश्वविद्यालय को संरक्षण देने की मांग की।जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने मानचित्र स्वीकृत न होने का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया है। संगठनों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कमी के कारण पूरे विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है।
‘गलती है तो सुधार का मौका दिया जाए’
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन से निर्माण या मानचित्र को लेकर कोई चूक हुई है तो उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। इमारतों को सीधे ध्वस्त करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी और विश्वविद्यालय से जुड़े हजारों लोगों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। संगठनों ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर नियमों के दायरे में समाधान निकालने की मांग की।
जामा मस्जिद कमेटी ने भी सौंपा ज्ञापन
इसी मामले में जामा मस्जिद कमेटी की ओर से भी राष्ट्रपति के नाम अलग ज्ञापन दिया गया। कमेटी ने रामपुर प्रशासन के फैसले को एकतरफा और अलोकतांत्रिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और कर्मचारियों के भविष्य को देखते हुए कार्रवाई के बजाय समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए। सामाजिक संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन पर प्रगतिशील लेखक संघ के राम नरेश, जन एकता अभियान के अखिलेश तिवारी, पीयूसीएल के गिरजेश पांडेय, मौलाना हसरत मोहानी लाइब्रेरी के सचिव अबरार हुसैन, सामाजिक कार्यकर्ता उबैदुल्लाह, सतीश जायसवाल, ए.आर. खान और सैयद अली इमाम जैदी के हस्ताक्षर थे। वहीं, जामा मस्जिद कमेटी की ओर से अध्यक्ष अफजल अहमद, सचिव मोहम्मद फारूक, डॉ. अहमद शकील, शराफत अली और अब्दुल कबीर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
तीन दिन की बंदी..... शहर की रफ्तार थमी : रेलवे ने अचानक बंद कर दी क्रॉसिंग
Thu, Jul 23, 2026
50 हजार लोगों का रास्ता बंद, ट्रैक पार कर निकलते दिखे राहगीर; वाहन चालकों को दो किमी घूमकर जाना पड़ा
उन्नाव। शहर के बीचोंबीच स्थित आवास विकास रेलवे क्रॉसिंग संख्या 35 बी को रेलवे ने बृहस्पतिवार सुबह अचानक बंद कर दिया। क्रॉसिंग बंद होने की जानकारी लोगों को तब हुई, जब रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक की मरम्मत के लिए सड़क खोदनी शुरू कर दी। अचानक रास्ता बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पैदल राहगीर जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। यह क्रॉसिंग लोकनगर मार्ग पर स्थित है और शहर के एक बड़े हिस्से को मुख्य मार्ग से जोड़ती है। छोटा चौराहा से लोकनगर होते हुए यह रास्ता कब्बाखेड़ा तिराहे पर उन्नाव-हरदोई मार्ग से जुड़ता है। करीब 50 हजार लोगों के लिए यह शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। शहर के लगभग 50 मोहल्लों के साथ ही आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी रास्ते से सदर बाजार, कोतवाली, जिला अस्पताल और कानपुर की ओर आते-जाते हैं।
सुबह अचानक शुरू हुआ काम, लोगों को हुई जानकारी
बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे रेलवे ने क्रॉसिंग पर आवागमन रोक दिया। इसके बाद ट्रैक की मरम्मत के लिए खोदाई का काम शुरू कर दिया गया। क्रॉसिंग बंद होने के बाद वहां पहुंचे लोगों को काफी देर तक समझ नहीं आया कि रास्ता क्यों बंद किया गया है। धीरे-धीरे लोगों को रेलवे ट्रैक की मरम्मत के लिए तीन दिन तक क्रॉसिंग बंद रहने की जानकारी मिली।
वाहन सवारों को करना पड़ा लंबा चक्कर
क्रॉसिंग बंद होने से लोकनगर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। छोटे वाहनों को भी करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ा। इससे आसपास के रास्तों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। पैदल राहगीरों के लिए स्थिति और मुश्किल रही। कई लोग ट्रैक पार करके दूसरी ओर जाते दिखाई दिए।
तीन दिन चलेगा मरम्मत का काम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार क्रॉसिंग पर ट्रैक की मरम्मत के साथ पुराने बोल्डर और प्लेट बदले जा रहे हैं। काम शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहेगा। रेलवे का प्रयास है कि दो दिन में काम पूरा कराकर क्रॉसिंग पर आवागमन शुरू कर दिया जाए।
पहले से सूचना नहीं देने पर उठे सवाल
क्रॉसिंग बंद किए जाने से पहले आम लोगों को जानकारी नहीं दी गई। सुबह अचानक रास्ता बंद होने से लोग परेशान हुए। इस संबंध में सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेश कुमार मीना ने बताया कि क्रॉसिंग बंद किए जाने की सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि मरम्मत का काम जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।