पारिवारिक तनाव से टूटा बुजुर्ग : कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
Sun, May 24, 2026
मौके से मिला सुसाइड नोट; बहू और उसके मायके पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप
उन्नाव। गंगाघाट थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक बुजुर्ग की आत्महत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गंगानगर पानी रोड इलाके में रहने वाले 60 वर्षीय राम नरेश मिश्रा का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में मामला घरेलू कलह और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। परिवार के मुताबिक राम नरेश मिश्रा कुछ समय पहले तक कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते थे। करीब आठ दिन पहले ही वह नौकरी छोड़कर घर लौटे थे। रविवार सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आए तो परिजनों को चिंता हुई। दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। राम नरेश का शव साड़ी के फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही गंगाघाट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिवार ने मृतक के बेटे राहुल मिश्रा की पत्नी रिया शुक्ला और उसके मायके पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि करीब तीन साल पहले राहुल की शादी के बाद से ही घर में विवाद शुरू हो गया था। पिछले दो वर्षों से पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होते थे, जिससे पूरा परिवार तनाव में रहने लगा था। परिवार का आरोप है कि बहू रिया शुक्ला बेटे राहुल को माता-पिता से अलग कर अपने साथ रखना चाहती थी। इसी बात को लेकर घर में आए दिन विवाद होता था। परिजनों ने यह भी दावा किया कि बीते 10 मई को बहू के मायके पक्ष के करीब 20 से 25 लोग घर पहुंचे थे और परिवार को धमकाया था। आरोप है कि इस घटना के बाद से राम नरेश मिश्रा काफी परेशान और मानसिक रूप से टूट चुके थे। पुलिस को घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट अब जांच का अहम आधार माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी नोट की सामग्री सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक राम नरेश शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वह काफी गुमसुम रहने लगे थे।
चूल्हे की एक चिंगारी ने उजाड़ दिया आशियाना : उन्नाव में गरीब मजदूर का घर जलकर खाक
Sun, May 24, 2026
अनाज से लेकर कपड़े और गृहस्थी तक सब राख; प्रशासन ने सहायता का भरोसा दिया
उन्नाव। भीषण गर्मी के बीच परियर क्षेत्र के मरौंदा मझवारा गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक अग्निकांड ने गरीब परिवार की पूरी जिंदगी पलभर में उजाड़ दी। खाना बनाते समय चूल्हे से निकली मामूली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और मजदूर परिवार का कच्चा घर आग की लपटों में घिर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के लोग सामान तक नहीं बचा सके। गांव निवासी रविशंकर राठौर रोज की तरह मजदूरी करने बाहर गए थे। घर में महिलाएं दोपहर का भोजन बना रही थीं। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी सूखे छप्पर पर जा गिरी। तेज गर्मी और फूस के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर से धुआं और लपटें उठती देख परिवार के लोग चीख-पुकार करने लगे। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। किसी ने बाल्टियों से पानी डाला तो किसी ने पाइप के जरिए आग बुझाने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। अग्निकांड में परिवार की रोजमर्रा की पूरी गृहस्थी राख हो गई। घर में रखे बर्तन, कपड़े, चारपाइयां, पशुओं के लिए रखा भूसा और करीब पांच कुंतल गेहूं आग में स्वाहा हो गया। हादसे के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ित परिवार के सामने अब रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लेखपाल योगेश कुमार ने नुकसान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करानी शुरू की। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया गया है।वहीं, प्रधान प्रतिनिधि आलोक तिवारी भी मौके पर पहुंचे और परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार फिर से सामान्य जिंदगी शुरू कर सके।
खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई : आइसक्रीम फैक्ट्रियों और डेयरियों पर छापेमारी
Sat, May 23, 2026
सफाई और पंजीकरण में खामियां मिलने पर नोटिस, आठ नमूने लैब भेजे गए
उन्नाव। गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, कुल्फी और डेयरी उत्पादों की बढ़ती खपत के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार को जिले में कई प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आठ खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भरे, जबकि कई जगहों पर गंदगी, नियमों की अनदेखी और गलत पंजीकरण मिलने पर कारोबारियों को नोटिस थमा दिए गए। विभाग की टीम सबसे पहले आवास विकास स्थित खुशी आइसक्रीम फैक्ट्री पहुंची। यहां क्रंची बटर स्कॉच, ऑरेंज आइस कैंडी, चोकोबार और वनीला आइसक्रीम के नमूने लिए गए। जांच के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। साथ ही फैक्ट्री का जरूरी पंजीकरण भी नहीं पाया गया। इस पर अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक को तत्काल प्रभाव से इकाई बंद करने का नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद टीम मखनखेड़ा करोवन स्थित न्यू दीपिका आइसक्रीम पहुंची। यहां कुल्फी के घोल का नमूना लिया गया। निरीक्षण में पता चला कि आइसक्रीम उत्पादों में अत्यधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इतना ही नहीं, प्रतिष्ठान का पंजीकरण भी गलत श्रेणी में कराया गया था। विभाग ने मौके पर ही करीब पांच लीटर आइसक्रीम घोल और सौ पीस आइसक्रीम चॉकलेट नष्ट कराई। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अभियान के दौरान टीम ने कटरा दीवानखेड़ा स्थित अनाया डेयरी से दूध, बांगरमऊ के श्रीबालाजी स्वीट हाउस एंड फास्ट फूड से बर्फी और बेहटा भवानी की जनता दूध डेयरी से पनीर के नमूने भी लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।