घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़ : चार के खिलाफ रिपोर्ट
Sun, Oct 11, 2026
राजेपुर में रात 10 बजे की घटना, विरोध और शोर मचाने पर हमले का आरोप
उन्नाव। घर के अंदर लेटी महिला के साथ छेड़छाड़ और फिर मारपीट का आरोप लगा है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के राजेपुर गांव का है। महिला की तहरीर के मुताबिक, रात में एक व्यक्ति दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। विरोध करने और शोर मचाने पर मामला बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद चार लोगों ने घर पहुंचकर महिला के साथ मारपीट और गालीगलौज की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़िता जयदेवी ने पुलिस को बताया कि घटना पांच अक्तूबर की रात करीब 10 बजे की है। वह घर के अंदर लेटी हुई थी, तभी गांव में रहने वाले कुंवर पाल के बहनोई राम रतन ने दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया। आरोप है कि राम रतन ने उसका गला दबाया और छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने शोर मचाया तो उसके पति और आसपास के लोग जाग गए।
घर पहुंचकर मारपीट करने का आरोप
जयदेवी के अनुसार, लोगों के इकट्ठा होने के बाद कुंवर पाल, अंकित, मधु और राम रतन उसके घर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और गालीगलौज की। इस दौरान उसे चोटें आईं। महिला ने आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट
महिला की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने कुंवर पाल, अंकित, मधु और राम रतन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
पांच दिन बाद थाने पहुंचा युवक : पांच पर केस दर्ज
Sun, Oct 11, 2026
पेट्रोल पंप के पास रोककर मारपीट का आरोप, मोबाइल तोड़ने के बाद धमकी देकर भागने की बात
उन्नाव। असोहा थाना क्षेत्र के पारा मोड़ से भवानीगंज की ओर जा रहे एक युवक को रास्ते में रोककर मारपीट करने और उसका मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में असोहा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। घटना पांच अक्तूबर की बताई गई है, जबकि पीड़ित ने 10 अक्तूबर को थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेहटा गांव निवासी नीरज कुमार के मुताबिक वह पांच अक्तूबर की रात करीब आठ बजे पारा मोड़ से भवानीगंज की तरफ जा रहा था। सरवन गांव स्थित डॉ. शकील के पेट्रोल पंप के पास पहुंचने पर उसे कुछ लोगों ने रोक लिया। आरोप है कि सरवन निवासी विपिन, वेद प्रकाश और आकाश ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। नीरज का आरोप है कि विरोध करने पर विपिन ने फोन कर गांव से अंकित और अतुल समेत कई अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि लोगों के पहुंचने के बाद उसके साथ मारपीट की गई और इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने मदद के लिए शोर मचाया तो आसपास के लोगों के आने की भनक लगते ही आरोपी वहां से चले गए। जाते समय उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
दर्द बढ़ने पर पहुंचा थाने
नीरज के अनुसार घटना के बाद शरीर में काफी दर्द होने के कारण वह तत्काल पुलिस के पास नहीं पहुंच सका। हालत में सुधार नहीं होने पर 10 अक्तूबर को उसने असोहा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विपिन, वेद प्रकाश, आकाश, अंकित और अतुल के अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों व आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
दो हजार शिक्षकों को मिला सम्मान : गुरुजनों के योगदान को किया सलाम
Sat, Oct 10, 2026
श्वेता भानु मिश्रा व प्रवीण मिश्रा भानु ने शिक्षकों के योगदान को सराहा
उन्नाव। शहर के कब्बा खेड़ा स्थित अरोड़ा रिसॉर्ट शनिवार शाम शिक्षकों के सम्मान का गवाह बना। यहां आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में जिले के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े करीब दो हजार शिक्षक शामिल हुए। समारोह में शिक्षकों को अंगवस्त्र, माला और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।
कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा और भाजपा नेता प्रवीण मिश्रा भानु ने शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूत नींव सिर्फ अच्छी इमारतों या सुविधाओं से नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा से तैयार होती है। शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें सही-गलत का फर्क समझाने और जीवन में आगे बढ़ने की राह दिखाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में बिताया समय बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देने में अहम होता है। शिक्षक अपने अनुभव और व्यवहार से विद्यार्थियों को ऐसे संस्कार देते हैं, जो आगे चलकर उनके जीवन का हिस्सा बनते हैं। इसी वजह से गुरुजनों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता जताने का अवसर है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रजेश पांडेय ने कहा कि शिक्षक का काम सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है। बच्चों को जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक बनाना भी शिक्षक की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक बिना किसी भेदभाव के नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों के सामने पढ़ाई के साथ कई तरह की चुनौतियां हैं। ऐसे में शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों को सही दिशा देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के सामूहिक सम्मान को उनके कार्य के प्रति समाज की स्वीकार्यता बताया। ब्रजेश पांडेय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के अन्य लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे शिक्षकों के योगदान को सम्मान दें। एक ही मंच पर जिलेभर के शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके काम को पहचान देने की पहल है। उन्होंने आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की। समारोह के दौरान नई पीढ़ी के शिक्षकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना होना चाहिए जो आगे चलकर परिवार, समाज और देश के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। आयोजकों की ओर से शिक्षकों के प्रति आभार जताते हुए कहा गया कि समाज में गुरु-शिष्य की परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए शिक्षक का सम्मान जरूरी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य लोग मौजूद रहे।