विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान : दो साल पहले हुई थी शादी
Sun, Jun 7, 2026
मायके पक्ष को सूचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र के मुन्ना खेड़ा गांव में एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मुन्ना खेड़ा गांव निवासी श्रीपाल की पत्नी सोनम (24) का शव रविवार को घर के अंदर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने उसे तत्काल नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। बताया गया कि सोनम का मायका मौरावां क्षेत्र की ग्राम सभा मतवई, हिलौली में है। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले श्रीपाल के साथ हुई थी। श्रीपाल खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। विवाहिता की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुंच गए। सूचना पर पहुंची मौरावां पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, विवाहिता ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसका अभी पता नहीं चल सका है। शादी को दो वर्ष ही हुए हैं, इसलिए नियमानुसार सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचीं शिकायतों की भरमार : भूमि विवाद और पैमाइश के मामले रहे हावी
Sat, Jun 6, 2026
कागजी कार्रवाई नहीं, मौके पर जाकर करें समाधान: डीएम
उन्नाव। सदर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने जन शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सदर विधायक पंकज गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समाधान दिवस में भूमि विवाद, पैमाइश, विद्युत आपूर्ति, राजस्व और रजिस्ट्री से जुड़े मामलों की शिकायतें अधिक संख्या में आईं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि अन्य शिकायतों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखें, बल्कि मौके पर जाकर जांच करें और शिकायतकर्ता की उपस्थिति में समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। डीएम ने बताया कि सबसे अधिक शिकायतें भूमि संबंधी विवाद और पैमाइश से संबंधित प्राप्त हुई हैं। इनके निस्तारण के लिए उपजिलाधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बिजली विभाग और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की भी सुनवाई की गई। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार प्रभावी बनाया जा रहा है।
15 मिनट बिजली, फिर घंटों इंतजार : गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें
Sat, Jun 6, 2026
छोटे चौराहा और कसाई चौराहा फीडर के लोड संतुलन पर उठे सवाल, 10 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित
उन्नाव। गर्मी के बीच शहर की बिजली व्यवस्था सवालों के घेरे में है। पिछले करीब एक महीने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। हालात यह हैं कि कई बार महज 10 से 15 मिनट बिजली आने के बाद घंटों आपूर्ति ठप हो जाती है। दिनभर में आठ से दस बार ट्रिपिंग और शटडाउन की समस्या से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। शहर के ऊंटसार, गद्दियाना, किला, छिपयाना, एबी नगर, आईबीपी चौराहा, अब्बास बाग, सुंदर टॉकीज के पीछे का क्षेत्र, गंदा नाला और जामा मस्जिद समेत कई मोहल्लों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बिजली आने-जाने से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं रात के समय भी राहत न मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फीडरों पर बढ़ा अतिरिक्त भार
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार, छोटे चौराहा फीडर से जुड़े कुछ क्षेत्रों का विद्युत भार कसाई चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों पर स्थानांतरित किए जाने के बाद व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इसके चलते किसी एक स्थान पर तकनीकी खराबी आने पर पूरे फीडर की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। परिणामस्वरूप एक छोटे फाल्ट का असर हजारों उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों फीडरों का भार एक साथ आने के बाद फाल्ट, ट्रिपिंग और शटडाउन की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली न मिलने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
एक फेज गायब होने से बढ़ी दिक्कत
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती के अलावा बार-बार एक फेज बंद होने की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाकों में एक फेज गायब रहने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कारोबार पर भी असर
लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति का असर बाजारों और छोटे कारोबारों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से ग्राहकों को असुविधा होती है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन में परेशानी आती है। कई प्रतिष्ठानों को जनरेटर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ रहा है।
लोड संतुलन को बताया मूल समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आईबीपी ट्रांसफार्मर से जुड़े छोटे चौराहा और एबी नगर क्षेत्र का अतिरिक्त लोड हटाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार पड़ने के कारण बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। लोगों का कहना है कि जब तक फीडरों का लोड संतुलित नहीं किया जाएगा और क्षमता के अनुरूप विद्युत वितरण नहीं होगा, तब तक शहरवासियों को राहत मिलना मुश्किल है।
10 दिन से कर रहे शिकायत, नहीं निकला समाधान
शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ सूर्य कुमार को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने बताया कि छोटे चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों का भार कसाई चौराहा फीडर पर डाले जाने से अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इससे कसाई चौराहा फीडर से जुड़े करीब 10 हजार उपभोक्ता लंबे समय से परेशान हैं। सभासद मेराज खान ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिनों से बिजली कटौती, एक फेज और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर वह लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। जेई से लेकर एसडीओ तक कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि रात में बार-बार बिजली बाधित होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि शहर के कई मोहल्लों में हालात ऐसे हैं कि लोग 24 घंटे तो दूर, 24 मिनट भी निर्बाध बिजली नहीं पा रहे हैं। लगातार हो रही कटौती और ट्रिपिंग से जनता परेशान है, जबकि विभाग समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाता नहीं दिख रहा है। इस पर एसडीओ सूर्य कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।