भैंस बांधने को लेकर विवाद में मां-बेटी से मारपीट : तीन पर मुकदमा
Sun, Aug 16, 2026
जातिसूचक शब्द बोलने और धमकी देने का भी आरोप
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के तालिब सराय में भैंस बांधने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। महिला ने तीन लोगों पर बेटी के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ सिटी विनी सिंह को सौंपी गई है। तालिब सराय निवासी शांति देवी पत्नी चंद्रपाल के मुताबिक 13 अगस्त की शाम वह घर के दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान फैजी, फैजान और कमर वहां पहुंचे। पशु बांधने को लेकर कहासुनी होने लगी। आरोप है कि बात बढ़ने पर तीनों ने महिला और उसकी बेटी के साथ अभद्रता शुरू कर दी। महिला के अनुसार विवाद के बीच उसकी बेटी मौके पर पहुंची तो आरोपितों में से फैजी ने लाठी से उस पर हमला कर दिया। इससे बेटी के हाथ में चोट लग गई। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ भी गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद घायल बेटी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। महिला ने अगले दिन सदर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
तीन के खिलाफ रिपोर्ट
पुलिस ने मामले में फैजी, फैजान और कमर को नामजद करते हुए मारपीट, गाली-गलौज व धमकी के साथ एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ सिटी करेंगी जांच
मामले की जांच सीओ सिटी विनी सिंह को सौंपी गई है। वह घटना के संबंध में आरोपों की पड़ताल करेंगी। पुलिस जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
तिरंगे के साथ कदमताल करती निकली खाकी : पुरवा की सड़कों पर दिखा राष्ट्रप्रेम
Sun, Aug 16, 2026
सीओ अरविंद चौरसिया के नेतृत्व में निकली यात्रा, लोगों से की तिरंगे के सम्मान की अपील
उन्नाव। स्वतंत्रता दिवस पर पुरवा में पुलिस की तिरंगा यात्रा ने लोगों का ध्यान खींचा। थाना परिसर से निकली यात्रा में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी कदम से कदम मिलाकर चले। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति गीतों के बीच पुलिसकर्मियों ने राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश दिया। सुबह ध्वजारोहण के बाद पुलिस टीम ने थाना पुरवा से यात्रा शुरू की। 100 से अधिक पुलिसकर्मी तिरंगा लेकर मिरी चौराहे की ओर रवाना हुए। रास्ते में पुलिसकर्मियों का अनुशासन और तिरंगे के प्रति सम्मान लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। कई स्थानों पर लोगों ने रुककर यात्रा को देखा। सीओ अरविंद चौरसिया ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी है। तिरंगा देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। पुलिस हर परिस्थिति में राष्ट्रध्वज के सम्मान और देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि देश की मजबूती केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों और जिम्मेदार व्यवहार से भी जुड़ी है। यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश की एकता बनाए रखने का संदेश दिया। महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी भी रही। यात्रा के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
ये रहे मौजूद
कोतवाल भवन सिंह मौर्य, कस्बा इंचार्ज रमेश सिंह सेंगर, सियाराम चौरसिया, विनोद सिंह, अंशुल सिंह, विकास, हरीश चंद्र, सुमन यादव समेत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी।
शहीदों को सलाम....आजादी का जश्न : दादामियां से छिपियाना तक गूंजे देशभक्ति के नारे
Sat, Aug 15, 2026
सैकड़ों लोगों की भीड़ के साथ निकला जश्न-ए-आजादी जुलूस, हर समुदाय के लोगों ने की शिरकत
उन्नाव। अंग्रेजी हुकूमत से मुल्क को मिली आजादी की खुशी और देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों की याद में शनिवार को शहर में जश्न-ए-आजादी जुलूस निकाला गया। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान की अगुवाई में निकले जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोग देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। जुलूस में बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन भी शामिल रहे।
दादामियां से छिपियाना तक चला जुलूस
जुलूस की शुरुआत शहर के दादामियां चौराहा से हुई। यहां से जुलूस आईबीपी होते हुए सब्जी मंडी पहुंचा। इसके बाद बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा होते हुए छिपियाना तक जुलूस निकाला गया। रास्ते में लोगों ने तिरंगा लहराकर आजादी के जश्न में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। जुलूस में शामिल लोगों ने हिन्दुस्तान जिन्दाबाद,भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए, जिससे पूरा इलाका देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
जश्न-ए-आजादी हमें जोड़ने का पर्व : सुरेंद्र वर्मा
जश्न-ए-आजादी जुलूस में अलग-अलग धर्म-समुदायों के लोग शामिल रहे। युवाओं के साथ बुजुर्ग और अन्य लोग भी तिरंगा लेकर जुलूस का हिस्सा बने। मुख्य अतिथि सर्व धर्म संसद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा (बाबा) ने कहा कि आजादी की लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं थी। देश की आजादी के लिए हर धर्म और समुदाय के लोगों ने मिलकर संघर्ष किया और कुर्बानियां दीं। इसी एकता और भाईचारे को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ जुलूस निकाला गया।
बड़ी संख्या में वाहन भी रहे शामिल
जुलूस में पैदल चलने वालों के साथ बड़ी संख्या में वाहन भी शामिल रहे। वाहनों पर तिरंगे लगाए गए थे। पूरे रास्ते लोगों में आजादी के पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। जुलूस के दौरान शहीदों की कुर्बानियों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और देश की एकता व भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया गया।
नियाज खान बोले; आज़ादी में शहीदों की बड़ी कुर्बानियां
सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान ने कहा कि आज हम जिस आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे शहीदों की बड़ी कुर्बानियां हैं। जश्न-ए-आजादी जुलूस निकालने का मकसद उन सभी वीर सपूतों को याद करना और उन्हें सलाम पेश करना है, जिन्होंने मुल्क की आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। यह जुलूस किसी एक मजहब या समुदाय का नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी का जुलूस है। सभी समुदायों की भागीदारी ने एकता और भाईचारे का खूबसूरत संदेश दिया है। जुलूस के समापन पर आयोजकों ने लोगों से देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को कायम रखने की अपील की।