नगर पंचायत अध्यक्ष ने लिपिक को किया सस्पेंड : दफ्तर पर लग गए दो ताले
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Aug 4, 2026
अनुशासनहीनता और गोपनीयता भंग करने का आरोप, बाबू बोले- मुझे जानबूझकर निशाना बनाया गया
उन्नाव। अचलगंज नगर पंचायत में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब नगर पंचायत अध्यक्ष ने कार्यालय में तैनात लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय के रिकॉर्ड को लेकर भी स्थिति असामान्य हो गई। बताया गया कि निलंबित लिपिक अपने कक्ष में ताला लगाकर उसकी चाबी अपने साथ ले गए। इसके बाद अभिलेखों की सुरक्षा को देखते हुए अधिशासी अधिकारी ने उसी कक्ष पर दूसरा ताला लगवा दिया। जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत के गठन के समय से धीरेंद्र यादव कार्यालय लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा ने 31 जुलाई को अपने प्रशासनिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में लिपिक पर कार्यालय की गोपनीय जानकारी बाहर साझा करने और अनुशासनहीनता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई से अवगत कराया गया है। निलंबन की सूचना मिलते ही कार्यालय का माहौल गरमा गया। बताया जाता है कि धीरेंद्र यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में ताला लगा दिया और चाबी अपने साथ लेकर चले गए। इससे जरूरी सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा और कार्यालय संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद ईओ शालिनी त्रिपाठी ने एहतियात के तौर पर उसी कक्ष पर दूसरा ताला लगवा दिया, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रह सकें। उधर, निलंबित लिपिक धीरेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाते हुए यह कार्रवाई की गई है। उनका दावा है कि उचित मंच पर वह अपना पक्ष रखेंगे। ईओ शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि लिपिक को निलंबित करने का अधिकार नगर पंचायत अध्यक्ष के पास है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में रखे सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए एहतियातन कार्यालय कक्ष पर दूसरा ताला लगाया गया है। फिलहाल पूरे मामले की नगर पंचायत में चर्चा बनी हुई है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर है।
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