घर में फंदे से लटकी मिली 20 वर्षीय युवती : परिजनों ने खड़े किए सवाल
Sun, Jul 12, 2026
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; पुलिस बोली, सभी पहलुओं पर हो रही जांच
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र के मेथी टिकुर गांव में शनिवार शाम एक 20 वर्षीय युवती का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी ओर, युवती के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान काजल (20) पुत्री सुशील सिंह निवासी मेथी टिकुर के रूप में हुई है। वह परिवार में दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। शनिवार शाम जब घर के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला तो परिजनों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची माखी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार सुबह जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं मृतका की मौसी अर्चना ने बताया कि घटना के समय काजल घर पर अकेली थी। उन्हें इस घटना की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि काजल ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया है ताकि मामला आत्महत्या जैसा दिखाई दे। परिजनों का कहना है कि काजल के शरीर पर कई संदिग्ध निशान दिखाई दिए। उनके अनुसार पैरों पर नीले और लाल रंग के चोट के निशान थे, जबकि गले पर भी ऐसे निशान नजर आए। इन्हीं वजहों से परिवार को हत्या की आशंका है। हालांकि परिजनों ने अभी किसी व्यक्ति का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया जाए। उधर, पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। माखी थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संदोही देवी मंदिर में शंकराचार्य का भव्य स्वागत : गौरक्षा का दिया जनजागरण का संदेश
Sun, Jul 12, 2026
अंकित परिहार को मिला शंकराचार्य का आशीर्वाद और जिम्मेदारी
उन्नाव। संदोही देवी मंदिर परिसर शनिवार को श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा के रंग में रंगा नजर आया। यहां परमपूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती '1008' जी महाराज के आगमन पर हजारों श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया। मंदिर परिसर जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पवर्षा से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, समाजसेवी, महिलाएं, युवा और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद शंकराचार्य का माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया और सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था जताई। पूरे आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान हैं। उन्होंने गौरक्षा को केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की जिम्मेदारी बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। साथ ही सनातन मूल्यों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक इन्हें पहुंचाने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र 166 भगवंतनगर के समाजसेवी अंकित सिंह परिहार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पहुंचे। इस दौरान शंकराचार्य ने गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) अभियान के लिए अंकित सिंह परिहार को विधानसभा क्षेत्र 166, भगवंतनगर का अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया। इस घोषणा के बाद समर्थकों ने उनका स्वागत करते हुए खुशी जताई। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि शंकराचार्य का सान्निध्य क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा और सौभाग्य की बात है। उनके विचार समाज को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के लिए नई दिशा देते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी संतों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का काम करते हैं। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने गौरक्षा, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही गविष्ठि अभियान के संदेश को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का समापन शंकराचार्य के मंगल आशीर्वचन और सभी के सुख-समृद्धि की कामना के साथ हुआ। इस अवसर पर विवेक पटेल,
के.के
. द्विवेदी, रमाकांत मिश्रा, सुशील कुमार बाकुश, विजय पटेल, विनोद बाजपेई, गुड्डू शुक्ला, नागेंद्र सिंह, उदय प्रताप सिंह, श्रीकृष्ण कुरील, कृष्ण कुमार कनौजिया, सोहेल अख्तर, मुन्ना गुप्ता, श्री नारायण पाल, सत्येंद्र यादव, दुर्गेश यादव, लल्लन सिंह, उमानाथ लाला, पूनम देवी पटेल, सुनील यादव, भानू पटेल, सौरभ मिश्रा, निर्मल रावत, मनीष पटेल, अरुणेंद्र यादव, विजय यादव, रूप नारायण पटेल, सभासद शत्रुघ्न गुप्ता, योगेश सिंह, विवेक सिंह, उमेश चंद्र रावत, पंकज सोनी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
हरियाली का संदेश : पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में आगे आई उन्नाव पुलिस
Sun, Jul 12, 2026
'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान में एसएसपी समेत अफसरों ने चांदमारी फायरिंग बट परिसर में लगाए पौधे
उन्नाव। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए चल रहे 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान में रविवार को उन्नाव पुलिस ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। थाना कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित चांदमारी फायरिंग बट परिसर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया और लोगों से भी इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
पौधरोपण कार्यक्रम में एसएसपी जय प्रकाश सिंह के साथ अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह और सीओ सिटी विनी सिंह भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने परिसर में छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधे रोपे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। एसएसपी ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और लगातार कम होती हरियाली आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में हर व्यक्ति यदि अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखे तो यह अभियान समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने पुलिस कर्मियों से भी अपने कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप यह अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ेंगे।