पुराने जन्म प्रमाणपत्रों पर आधार का अड़ंगा : मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति को पत्र भेज, समाधान की मांग उठाई
Sun, Sep 6, 2026
सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराने के निर्देश देने का किया अनुरोध
उन्नाव। पुराने जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनवाने में आ रही दिक्कत को लेकर अल-मुस्तईद तहफ्फुज-ए-कब्रिस्तान व लावारिस लाश कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। उन्होंने 10 से 15 वर्ष पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को आधार कार्ड बनवाने के लिए मान्य किए जाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराने की व्यवस्था कराने की मांग की है। मोहम्मद अहमद ने पत्र में बताया कि नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत आदि निकायों की ओर से वर्षों पहले जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्र उस समय ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से बनाए गए थे। इनमें कई प्रमाणपत्र हस्तलिखित भी हैं। अब इन प्रमाणपत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग आधार केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आधार केंद्रों पर पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि पहले इन प्रमाणपत्रों को सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराया जाए और इसके बाद कलर कॉपी प्रस्तुत की जाए। इससे आम लोगों को अपने ही दस्तावेजों को लेकर नगर निकायों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दफ्तरों के चक्कर से मिले राहत
मोहम्मद अहमद ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को आधार कार्ड बनवाने के लिए मान्य किए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही आधार केंद्रों को भी निर्देशित किया जाए कि पुराने प्रमाणपत्रों के आधार पर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने मांग की है कि यदि पुराने प्रमाणपत्रों को सीआरएस पोर्टल पर अपग्रेड कराना जरूरी है तो इसके लिए संबंधित विभागों में सरल प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। पत्र में उन्होंने कहा है कि इस समस्या के समाधान से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।
पानी का हिसाब नहीं : फिर भी धड़ल्ले से धुल रहे थे वाहन
Sun, Sep 6, 2026
डीएम के निर्देश पर एसडीएम-ईओ के साथ प्रदूषण नियंत्रण और भूगर्भ विभाग की टीम ने खंगाले वाहन धुलाई सेंटर
उन्नाव। शहर के लोकनगर में वाहनों की धुलाई के नाम पर भूगर्भ जल के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीम ने लोकनगर पहुंचकर वाहन धुलाई सेंटरों की पड़ताल की। टीम को कई सेंटर ऐसे मिले, जहां संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस नहीं लिया गया था। अधिकारियों ने मौके पर संचालकों को नियमों का पालन करने और लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। सदर एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा की मौजूदगी में चले अभियान में नगर पालिका के ईओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भूगर्भ विभाग के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने सेंटरों पर पहुंचकर यह देखा कि वाहन धुलाई के लिए पानी की व्यवस्था कहां से की जा रही है और सेंटर संचालन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं। जांच में बिना लाइसेंस सेंटर चलते मिलने पर जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की ओर से संबंधित संचालकों को नोटिस दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि वाहन धुलाई के लिए भूगर्भ जल का इस्तेमाल नियमों के तहत ही किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी अनुमति और लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना प्रक्रिया पूरी किए सेंटर चलाने पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।
पानी की बर्बादी पर भी नजर
वाहन धुलाई सेंटरों में बड़ी मात्रा में पानी खर्च होता है। ऐसे में प्रशासन की नजर केवल लाइसेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी के इस्तेमाल और भूगर्भ जल संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन पर भी है। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार ही सेंटर संचालित करें।
विभागों के साथ मिलकर होगी निगरानी
डीएम के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कई विभागों की मौजूदगी से साफ है कि प्रशासन अब ऐसे सेंटरों की गतिविधियों को लेकर गंभीर है। अधिकारियों ने संचालकों को लाइसेंस बनवाकर ही सेंटर चलाने की हिदायत दी है। कार्रवाई के बाद लोकनगर में बिना अनुमति वाहन धुलाई सेंटर संचालित करने वालों में हलचल रही। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर है। भूगर्भ जल के अवैध इस्तेमाल पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सेंटर संचालकों को चेताया कि बिना अनुमति दोबारा संचालन मिला तो कार्रवाई तय है।
राहत : अब आसान होगा कस्टोलवा का रास्ता
Sun, Sep 6, 2026
पचकरा पुल के लिए 1.77 करोड़ मंजूर, नगर पंचायत के व्यस्त मार्ग को मिलेगी नई रफ्तार
उन्नाव। नगर पंचायत पुरवा के कस्टोलवा मोहल्ले से होकर गुजरने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। यहां सबसे व्यस्त मार्ग पर स्थित पचकरा पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पुल के निर्माण के लिए 1 करोड़ 77 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे लंबे समय से पुल की जरूरत महसूस कर रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।कस्टोलवा मोहल्ले का यह मार्ग नगर पंचायत के प्रमुख रास्तों में शामिल है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। पुल के निर्माण से न केवल मोहल्ले के लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के इलाकों से आने-जाने वालों के लिए भी रास्ता सुगम होने की उम्मीद है।
आवागमन में आएगी आसानी
पचकरा पुल क्षेत्र के लिए महज एक पुल नहीं, बल्कि रोजमर्रा के आवागमन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मार्ग पर लोगों की आवाजाही के साथ ही स्थानीय जरूरतों से जुड़े वाहनों का भी आवागमन रहता है। पुल बनने के बाद इस मार्ग की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
विधायक के प्रयास से मिली मंजूरी
पुरवा विधायक अनिल सिंह के प्रयासों के बाद पुल निर्माण के लिए 1.77 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। स्थानीय लोगों ने इसे नगर पंचायत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विकास कार्य बताया है।
लंबे समय से थी जरूरत
स्थानीय लोगों के मुताबिक कस्टोलवा का यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। ऐसे में यहां बेहतर पुल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।