सीट बुक थी, जगह नहीं मिली : ओवरलोड स्लीपर बस में यात्रियों का हंगामा
Tue, Jul 7, 2026
मियागंज से चंडीगढ़ जा रही बस में क्षमता से अधिक सवारियां मिलने पर विवाद, पुलिस ने कराया शांत, परिवहन विभाग ने किया चालान
उन्नाव। मियागंज से चंडीगढ़ जा रही एक निजी स्लीपर बस में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने का मामला सामने आया। पहले से सीट बुक करा चुके यात्रियों को बस में चढ़ने के बाद सीट नहीं मिली तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने यात्रियों को समझाकर मामला शांत कराया। वहीं परिवहन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बस का चालान भी किया गया। रविवार देर शाम हरदोई-उन्नाव मार्ग पर पुरानी टंकी के पास बस यात्रियों को लेने के लिए रुकी थी। जैसे ही बुकिंग वाले यात्री बस के अंदर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अधिकांश सीटों पर पहले से ही लोग बैठे हुए हैं। कई यात्रियों का कहना था कि उन्होंने दोपहर करीब तीन बजे ही सीट आरक्षित कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी सीट नहीं दी गई। यात्रियों का आरोप था कि बस संचालक ने अधिक कमाई के लालच में क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठा लीं, जिससे पहले से बुकिंग कराने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर यात्रियों और बस स्टाफ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।हंगामे के दौरान कुछ यात्रियों ने चालक पर नशे की हालत में बस चलाने का आरोप भी लगाया। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन चालक के नशे में होने की पुष्टि नहीं हो सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और स्थिति सामान्य कराई। इसके बाद परिवहन नियमों के उल्लंघन में बस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ओवरलोडिंग के आरोप में चालान किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यात्री सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अनदेखी का नतीजा : आईबीपी चौराहे के पास मैरिज हॉल का छज्जा गिरने से मारुति कार चकनाचूर
Mon, Jul 6, 2026
रात का समय होने से टली जनहानि, तीन साल पहले चिन्हित 133 भवनों पर कार्रवाई अब तक अधूरी
उन्नाव। मानसून की दस्तक के साथ शहर में जर्जर इमारतों के खतरे की हकीकत एक बार फिर सामने ला दी। बीती देर रात आईबीपी चौराहे के सामने शहनाई गेस्ट हाउस के बगल स्थित रानी मैरिज हॉल का पुराना और कमजोर छज्जा अचानक भरभराकर सड़क पर गिर पड़ा। मलबे की चपेट में नीचे खड़ी एक मारुति 800 कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना रात में हुई, इसलिए वहां कोई राहगीर या वाहन चालक मौजूद नहीं था। अगर यही हादसा दिन के समय होता तो कई लोगों की जान पर बन सकती थी। यह इलाका शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में गिना जाता है। दिनभर यहां ऑटो स्टैंड संचालित होता है और सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। आसपास कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। ऐसे में छज्जे का अचानक गिरना केवल एक भवन का हिस्सा टूटने की घटना नहीं, बल्कि शहर में मौजूद जर्जर इमारतों से जुड़े बड़े खतरे की चेतावनी माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक नगर पालिका ने वर्ष 2023 में शहर के जर्जर और खतरनाक भवनों का सर्वे कराया था। सर्वे में 133 भवन ऐसे मिले थे, जिन्हें किसी भी समय गिरने की आशंका के कारण जोखिमपूर्ण श्रेणी में रखा गया था। इसके बावजूद आज तक अधिकांश भवनों पर न तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकी और न ही उन्हें सुरक्षित बनाने के प्रभावी कदम उठाए गए। बरसात शुरू होते ही इन भवनों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। इस मामले में नगर पालिका का कहना है कि खतरनाक भवनों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई करने का अधिकार यूएसडीए के पास है। वहीं दूसरी ओर संबंधित विभागों के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने से कार्रवाई फाइलों तक सीमित रह जाती है। नतीजा यह है कि जिन इमारतों को तीन साल पहले ही खतरनाक घोषित किया गया था, वे आज भी लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात से पहले जर्जर भवनों की चर्चा जरूर होती है, लेकिन कुछ नोटिस जारी करने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, जिम्मेदार विभाग सक्रिय नजर नहीं आते। लोगों का कहना है कि अगर सोमवार रात की घटना दिन में होती तो इसकी तस्वीर बिल्कुल अलग हो सकती थी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि लगातार बारिश के दौरान पुराने और कमजोर भवनों की दीवारें, छज्जे और बालकनियां अचानक गिर सकती हैं। इसलिए ऐसे भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और जरूरत पड़ने पर तत्काल ध्वस्तीकरण जरूरी है। रानी मैरिज हॉल का छज्जा गिरने की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों और जर्जर भवनों पर कार्रवाई की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों की मांग है कि नगर पालिका, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाकर चिन्हित 133 जर्जर भवनों का दोबारा निरीक्षण करें और जो भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, उन्हें तत्काल खाली कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी जनहानि के बाद जागने से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते खतरे को खत्म करे।
दो बाइक चोरी के मुकदमों का खुलासा : शातिर वाहन चोर गिरफ्तार
Sun, Jul 5, 2026
पूछताछ में खुला राज, निशानदेही पर तीन चोरी की बाइक बरामद
उन्नाव। कोतवाली सदर पुलिस ने वाहन चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में फरार एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। 3 जुलाई को मुल्लन टोला निवासी शरीफुल हसन की सफेद रंग की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इस संबंध में कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं 4 जुलाई को अकबरसाबाद निवासी अमन ने अपने चचेरे भाई की काली रंग की मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। रविवार को वाहन चेकिंग के दौरान हसन नगर चौराहे से भूरी देवी तिराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने बिना नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल के साथ एक संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की। उसकी पहचान नैपेश सिंह पुत्र मनोज सिंह बिसेन निवासी ग्राम कुलहा अटारा, थाना आसीवन के रूप में हुई।पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी सुमित सिंह के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर नई प्लॉटिंग क्षेत्र में एक बाउंड्रीवाल के भीतर छिपाकर रखी गई दो अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गईं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक सीके मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। बरामद तीनों मोटरसाइकिलें चोरी की हैं। फरार साथी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।