: टेस्टिंग में फंसी "अमृत योजना की धारा" नगर पालिका ने किया किनारा
Tue, Jul 22, 2025
6 साल में 12वीं बार समय सीमा बढ़ाई, 12.40 करोड़ का लग चुका जुर्माना
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट अमृत योजना छह साल बीत जाने के बावाजूद शहर में अभी भी टेस्टिंग के दौर में फंसी हुई है। जल निगम ने 10 में सात जोन काम पूरा होने की रिपोर्ट लगा, नगर पालिका को हस्तांतरण के लिए फाइल भेजी। लाइनों में लीकेज के चलते नगर पालिका ने फिलहाल योजना को हैंडओवर लेने से किनारा कर लिया है। वहीं समीक्षा बैठक में डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाकर जांच और सुधार कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं मे से एक अमृत योजना जो कि वर्ष 2018 में शहर के सभी 32 वार्डों के 30,298 घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए 264 करोड़ की योजना मंजूर हुई थी। गंगा नदी के पानी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करते हर घर तक जलापूर्ति करनी है, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ती रही और शहर वासियों को नियमित रुप से शुद्ध जल अभी तक नहीं मिल पाया। टेस्टिंग में लाइन दो महीने में 28 जगह लीकेज हुई है। जल निगम ने दस में सात जोन काम पूरा होने की रिपोर्ट लगा, नगर पालिका को हस्तांतरण के लिए फाइल भेजी। पालिका ने फाइल लौटा दी। करोड़ों की योजना दो विभागों के बीच फंसी है और शहरियों को अमृत नहीं मिल पा रहा है।
जुर्माने के बावाजूद कछुआ चाल
की रफ्तार
छह साल से बन रही अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना के लिए 12वीं बार समय सीमा बढ़ाई गई, लेकिन जलनिगम की लापरवाही और कार्यदायी संस्था द्वारा कछुआ चाल की रफ्तार से यह योजना शहर वासियों को पूरी तरह से पानी नहीं दे पाई। जल निगम का दावा है कि 10 में से सात जोन की टेस्टिंग पूरी हो गई है और तीन में अंतिम चरण का काम चल रहा है।
लीकेजों के चलते नगरपालिका ने लौटाई फाइल
जलनिगम ने सात जोन हस्तांतरित करने के लिए नगर पालिका को फाइल भी भेजी लेकिन पाइप लाइनों में टूट-फूट और लीकेज खत्म न होने तक परियोजना की जिम्मेदारी लेने से इन्कार करते हुए फाइल लौटा दी है। मामले की जानकारी पर डीएम गौरांग ने एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें लघु सिंचाई के एई, एक्सईएन जल निगम नगर पालिका के ईओ व जेई शामिल हैं। यह टीम पहले चरण में चार जोन का निरीक्षण करके खामियों का सुधार कराएगी। डीएम ने 15 दिन में चार जोन दुरुस्त करने और हस्तांतरित कराने का निर्देश दिया है।
जुर्माने के बावाजूद लापरवाही जारी
पेयजल की इस योजना में लगातार देरी और गड़बड़ी पर तत्कालीन डीएम के आदेश के बाद जल निगम ने कार्यदायी संस्था पर अब तक 12.40 करोड़ का जुर्माना की कार्रवाई कर चुकी है। जिसमें खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कराने व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और फिर लेटलतीफी को लेकर 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगा था। बीते साल सितंबर 2024 में भी लेटलतीफी पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगा। इसके बाद भी जलनिगम और कार्यदायी संस्था की लापरवाही का क्रम जारी है।
क्या कहते है
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा का कहना है कि भूमिगत पाइप लाइनों में अक्सर कहीं न कहीं लीकेज होता है। पूरी तरह टेस्टिंग और कुछ महीने तक बिना बाधा के जलापूर्ति होने के बाद ही अमृत योजना की जिम्मेदारी ली जाएगी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह परियोजना खर्चीली साबित हो रही है और नगर पालिका के पास इतना बजट नहीं होता। जलनिगम, छह महीने इसका खुद संचालन करे, सुचारु रूप से चलने पर पालिका इस परियोजना की जिम्मेदारी लेगी।
वहीं नगर पालिका जेई विवेक वर्मा ने कहा कि जल निगम की निर्माण एजेंसी एक साल से टेस्टिंग ही कर रहा है। कहीं भी जलापूर्ति सही तरीके से शुरू नहीं हो सकी है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था नगर पालिका के 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से की जा रही है। परियोजना की जिम्मेदारी तभी ली जाएगी जब सुनिश्चित हो जाएगा कि कोई गड़बड़ी नहीं है।
उधर, जल निगम एक्सईएन पंकज रंजन झा ने कहा कि शहर के 10 में सात जोन पूरे हो चुके हैं। रोज एक बार पानी का पूरा प्रेशर डाल कर टेस्टिंग भी की जाती है। जहां भी समस्या आई उसे ठीक करा दिया गया है। इन सात जोन में कोई समस्या नहीं है। तीन जोन में टेस्टिंग का काम चल रहा है। वह भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
: नगरपालिका: नलकूप की बोरिंग ध्वस्त, कई इलाकों में पेयजल की किल्लत
Fri, Jul 18, 2025
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान ✍️
उन्नाव। नगर पालिका क्षेत्र के कई इलाकों में पेयजल का संकट गहरा गया जिसके लिए हाहाकार मच गया है। दो दिन से शहर के कई मोहल्लों में पेयजलापूर्ति ठप है। पेयजलापूर्ति ठप होने के कारण समेत मोहल्लेवासियों के सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। गर्मी में लोगों के सामने विकट समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। जल्द से जल्द पेयजलापूर्ति व्यवस्था बहाल करने की मांग की। पालिका क्षेत्र के घनी आबादी वाले मोहल्ले गद्दियाना, ऊंटसार, पाहली खेड़ा, चौधराना, किला, शेखवाड़ा, बुधवारी, कछियाना में पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे। नलकूप की बोरिंग ध्वस्त होने के कारण मोहल्ले में पेयजलापूर्ति दो दिन से पूरी तरह से ठप हो गई। पेयजलापूर्ति ठप होने के कारण लोगों में हाहाकार मच गया। स्थानीय क्षेत्र के निवासी गोपाल, राजेश, मुहम्मद इम्तियाज, राशिद, ज़हीर आदि ने बताया नगर पालिका का नलकूप आए दिन तकनीकी खराबी के कारण फेल हो जाता है। एक-दो माह के अंतराल पर नलकूप में हमेशा ही खराबी उत्पन्न हो जाती है। इसके कारण पेयजलापूर्ति को लेकर काफी विकट संकट उत्पन्न हो जाता है। बता दें कि तीन नम्बर नलकूप की बोरिंग लगभग एक माह से फेल हो चुकी है जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जलकल विभाग ने दो नम्बर नलकूप से उक्त क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही थी। लेकिन शुक्रवार को नलकूप की बोरिंग पूरी तरह से फेल हो गई, इसको लेकर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की तो तकनीशियन की टीम आई, लेकिन नलकूप से पेयजलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि इस समय एक तरफ अघोषित बिजली कटौती हो रही है, तो दूसरी तरफ पेयजल का संकट उत्पन्न हो गई है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों समेत विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अबतक पेयजलापूर्ति बहाल नहीं हो सका है।
बोले लोग
सभासद मेराजउद्दीन ने कहा कि तकनीशियन और जेई की टीम की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। अगर तकनीशियन की टीम लगातार मानिटरिंग करती तो पहले से ही सतर्क होकर नए बोरिंग का विकल्प शुरू कर दिया जाता है, लेकिन तकनीशियन टीम की लापरवाही के कारण आज नलकूप की बोरिंग में आए दिन समस्या आ रही है।
वही, सभासद सतीश यादव ने बताया कि पेयजलापूर्ति को लेकर वार्ड में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजलापूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने की जरूरत है, क्योंकि वार्ड में पेयजल के बिना काफी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ।
जिम्मेदारों
की
बात
नगर पालिका अध्यक्षा श्वेता मिश्रा का कहना है कि मामला हमारी जानकारी में है। पेयजलापूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। पेयजलापूर्ति के स्थायी इंतजाम भी जल्द से जल्द करने में तकनीशियन की टीम जुटी हुई है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि पेयजल समस्या का समाधान त्वरित गति से कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इधर, जलकल जेई अखिलेश यादव ने बताया कि पांच नम्बर नलकूप सुचारु रुप से चालू है। उन्होनें बताया कि 3 नम्बर नलकूप फेल हो गई थी जिसको जल्द रिबोर कराया जाएगा। 2 नम्बर में नलकूप थोड़ी बहुत दिक्कत है। टेस्टिंग कराई जा रही है। जल्द ही सप्लाई शुरु हो जाएगी।
: खुशखबरी: यात्रियों को मिली सौगात स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का उन्नाव में होगा ठहराव
Thu, Jul 17, 2025
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नावः लखनऊ से दिल्ली के बीच में चलने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन का अब उन्नाव स्टेशन पर ठहराव होगा। सांसद साक्षी महाराज के आग्रह के बाद ठहराव के प्रस्ताव पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अंतिम मुहर लगा दी है। खास बात यह है कि उन्नाव स्टेशन पर सुपर फास्ट ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या
12003/12004
) अप-डाउन के ठहराव से जनपद के यात्रियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए कानपुर व लखनऊ जंक्शन जाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के उन्नाव सांसद डॉ. साक्षी महाराज ने जनपदवासियों की मांग पर दिनांक
20.12.23
को रेल मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि उन्नाव जैसे महत्वपूर्ण जिले में इस प्रमुख ट्रेन का ठहराव कराया जाए। सांसद ने यह तर्क दिया कि उन्नाव एक औद्योगिक, शैक्षिक और राजनीतिक दृष्टि से उभरता हुआ जिला है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग लखनऊ और दिल्ली की ओर सफर करते हैं। ट्रेन का ठहराव से यहां के व्यापारियों, छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए अब सफर आसान होगा। सूत्रों की मानें जाए यह ठहराव 20 जुलाई से करने की संभावना जताई जा रही।
अभी ट्रेन लखनऊ के अलावा 7 स्टेशनों पर रुकती है, जिनकी संख्या 8 हो जाएगी।
अभी शताब्दी एक्सप्रेस लखनऊ जंक्शन से चलने के बाद सात रेलवे स्टेशनों पर रुकती है, इसमें कानपुर रेलवे स्टेशन, फफूंद, इटावा, टूंडला, अलीगढ़, गाजियाबाद और नई दिल्ली शामिल है। अब शताब्दी के रूट में एक नया स्टॉपेज और जुड़ जाएगा। ट्रेन उन्नाव रेलवे स्टेशन पर 20 जुलाई से रुकने की संभावना जताई जा रही है।
उन्नाव के लोगों को मिली सौगात
सांसद डा. साक्षी महाराज ने कहा कि जनपदवासी काफी समय से उन्नाव स्टेशन पर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग थी और वह काफी समय से प्रयास भी कर रहे थे। जिसके बाद रेल मंत्री अश्वनी ने शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव करने की मांग मानी। ट्रेन के ठहराव से जनपद व आसपास के लोगों को कानपुर और लखनऊ जाने में समय की बचत होगी। वहीं व्यापारियों, छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और कैंसर जैसी गंभीर बिमारी के लिए बहुत सारे लोग दिल्ली जाते हैं और उन्हें कानपुर जाकर इस ट्रेन को पकड़ना पड़ता था, अब उन्हें उन्नाव स्टेशन पर ही ये सुविधा मिलेगी।