: गांधीनगर के क्षेत्रवासियों का दर्द हुआ दूर, इंटरलॉकिंग सड़क का लोकार्पण
Sun, Sep 7, 2025
श्वेता मिश्रा ने कहा– विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा श्वेता भानू मिश्रा ने रविवार को दो वार्डों में नई इंटरलॉकिंग सड़कों का लोकार्पण किया। वार्ड नंबर-24 गाँधीनगर में जगन्नाथ के मकान से आदित्य वर्मा के मकान तक बनी सड़क और वार्ड नंबर-12 शिवनगर में राज किशोर द्विवेदी के मकान से दीपक सिंह के मकान तक बनी सड़क को क्षेत्रवासियों को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि नगर की गलियों और मोहल्लों में वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है। “गांधीनगर की यह सड़क लंबे समय से जर्जर थी। इसे दुरुस्त कर बेहतर सुविधा देना जनसेवा का एक और कदम है। आगे भी विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
क्षेत्रवासियों ने दोनों स्थानों पर खुशी जताते हुए नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि गाँधीनगर की सड़क करीब 35 साल पुरानी थी, जिसे बनवाकर बड़ा दुख-दर्द दूर किया गया है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय सभासद दीपक दीक्षित मोनू ने कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। वहीं शिवनगर के लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय सभासद गुड़िया सिंह अध्यक्ष के साथ मौजूद रहीं। इस दौरान सत्यपाल सिंह फौजी, राजन सोनी, कल्लू वर्मा, रवि शाहू, घनश्याम त्रिपाठी, किरन अवस्थी, सोनी सिंह, योगेश सविता, रामसुमेर गौतम, गोपाल गुप्ता, किशन गौतम समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
: उन्नाव में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी सदस्य ने जताई चिंता
Sat, Sep 6, 2025
गंगा-सई की हालत सुधारने पर जोर, डीजे संचालन पर होगी सख्ती
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य एवं न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद की अगुवाई में शनिवार को आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में जिले की बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली नदियों में लगातार गिर रहे अशोधित सीवेज के खतरनाक स्तर और शहरी क्षेत्रों में बेकाबू हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर तत्काल अंकुश लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने एनजीटी सदस्य के सामने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे प्रयासों और आने वाली बाधाओं से अवगत कराया।
सीवेज प्रदूषण पर चिंता
एनजीटी सदस्य डॉ. अहमद ने नदियों में सीधे गिरने वाले घरेलू व औद्योगिक सीवेज के उपचार को अनिवार्य बताया। उन्होंने खतरनाक रसायन क्रोमियम से होने वाले प्रदूषण और जल प्रदूषण पर विशेष तौर पर रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भूजल भी दूषित हो जाएगा। नगर पालिका और उद्योग विभाग को इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया। बैठक में साफ हुआ कि बिना शोधन संयंत्र लगाए कोई उद्योग नहीं चलेगा।
ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई
शहरी इलाकों में डीजे और साउंड सिस्टम से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर नाराजगी जताते हुए न्यायाधीश ने राजस्व एवं पुलिस विभाग को इनके संचालकों के खिलाफ सख्ती से नियम लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और रात्रि आयोजनों में ध्वनि सीमा का पालन हर हाल में होना चाहिए। नियम तोड़ने वालों पर चालान और उपकरण जब्ती की कार्रवाई हो। बैठक में यह भी कहा गया कि आम नागरिकों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
वैज्ञानिक कचरा निस्तारण पर जोर
बैठक में कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पर्यावरण सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की अपील की गई। कहा गया कि ठोस कचरे के लिए नगर पालिका को प्रभावी प्लान बनाना चाहिए। गांवों में भी कचरा निस्तारण के लिए पंचायतों को जिम्मेदार बनाया जाए। प्लास्टिक कचरे को अलग करने और पुनर्चक्रण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई।
जिले की स्थिति पर चर्चा
बैठक में जिले की भौगोलिक स्थिति और पर्यावरणीय दबाव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि 4558 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले जिले की आबादी 31 लाख से अधिक है। यहाँ गंगा नदी 128 किमी और सई नदी लगभग 198 किमी का सफर तय करती है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि 2023 के अनुसार मात्र 6% भूभाग ही वनाच्छादित है।
बैठक में मौजूद लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी के अलावा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अभिताभ यादव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विदेश, वन अधिकारी आरूषी मिश्रा, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशि विंदकर उपस्थित रहे।
: औद्योगिक दुर्गंध से उन्नाव की फजीहत, एनजीटी के सदस्य आज करेंगे निरीक्षण
Sat, Sep 6, 2025
डीएम के निर्देश के बावजूद एक माह में जांच रिपोर्ट दर्ज नहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शहर की पहचान अब औद्योगिक क्षेत्रों से उठती दुर्गंध बन चुकी है। कानपुर रोड स्थित बंथर और लखनऊ रोड स्थित दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाली बदबू से शहर में प्रवेश करते ही लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। हालात यह हैं कि स्लॉटर हाउस, टेनरियां, ग्लू व पोल्ट्री फूड बनाने वाले कारखाने खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। पिछले महीने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद साक्षी महाराज समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था। डीएम गौरांग राठी ने चार अगस्त को दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की जांच के लिए पांच-पांच अधिकारियों की टीमें गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। मगर एक माह बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है।
सांसद ने उठाया मुद्दा, जांच में आ रही देरी
पिछले महीने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद साक्षी महाराज समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया था। इसके बाद डीएम गौरांग राठी ने 4 अगस्त को दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की जांच के लिए पांच-पांच अधिकारियों की टीमें गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है।
आज पहुंचेंगे NGT सदस्य, समीक्षा होगी बैठक
इस बीच शनिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद जिले का दौरा करेंगे। वह दोपहर 12 बजे निरीक्षण भवन पहुंचेंगे और विकास भवन सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की दुर्गंध, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की स्थिति और कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के अपग्रेडेशन की प्रगति पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
"छवि खराब कर रही है बदबू" - सांसद
सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि शहर में प्रवेश करते ही आने वाली बदबू जिले की छवि खराब कर रही है। प्रदूषण विभाग को अवैध और मानक पूरे न करने वाले कारखानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अगली बैठक में इसकी समीक्षा होगी।
"अगले सप्ताह तक मिलेगी रिपोर्ट" - प्रदूषण बोर्ड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशि बिंदकर का कहना है कि जांच टीमों में से कुछ अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर ली है और कुछ बना रहे हैं। अगले सप्ताह तक पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी के हस्तक्षेप से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से टल रही कार्रवाई अब तेजी से आगे बढ़ेगी और जिले को बदबू से निजात मिलेगी।