जीएसटी अधिकारी ने किराए के कमरे में फंदा लगाकर दी जान : कमरे में मिला शव
Thu, Jun 11, 2026
वाराणसी में थे तैनात, मोबाइल और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
उन्नाव। शहर के रामपुरी मोहल्ले में गुरुवार शाम वाराणसी में तैनात जीएसटी विभाग के एक अधिकारी का शव किराए के कमरे में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। औरैया जिले के बिधूना थाना क्षेत्र के सरेंडी गांव निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह (35) वाराणसी में जीएसटी विभाग में कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी के पद पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर विभागीय और निजी कार्यों से उन्नाव आने पर सदर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले में स्थित एक किराए के कमरे में ठहरते थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम कमरे के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी होने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का निरीक्षण किया और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। मौके से साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। राघवेंद्र के पिता सियाराम शाक्य राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) उन्नाव में कॉमर्स के शिक्षक रहे हैं। नौकरी के दौरान वह रामपुरी स्थित इसी मकान में किराए पर रहते थे। 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद भी परिवार का मकान से संपर्क बना हुआ था, जिसके चलते राघवेंद्र यहां रुकते थे। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। कुछ लोगों ने किसी युवती से बातचीत के बाद घटना होने की बात कही, जबकि कुछ लोगों ने वीडियो कॉल के माध्यम से घटना की जानकारी परिवार तक पहुंचने की चर्चा की। हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है। सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पंजाब जाने निकली विवाहिता रहस्यमय ढंग से लापता : परिचित युवक पर परिजनों का शक
Thu, Jun 11, 2026
घर से निकलने के बाद बंद हो गया मोबाइल, जेवर और नकदी गायब होने का भी आरोप
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र में एक विवाहिता के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। महिला के परिजनों ने क्षेत्र के ही एक युवक पर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस को तहरीर देकर महिला की सकुशल बरामदगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों के मुताबिक, विवाहिता का पति पंजाब में काम करता है। महिला 8 जून को पति के पास जाने के लिए घर से निकली थी। यात्रा के दौरान उसकी परिजनों से फोन पर बातचीत भी हुई थी और उसने अपने गंतव्य की ओर बढ़ने की जानकारी दी थी। हालांकि इसके बाद अचानक उसका संपर्क टूट गया। जब वह तय स्थान पर नहीं पहुंची तो परिवार की चिंता बढ़ गई। कई बार फोन मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ समय बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया। परिवार ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां महिला की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी बीच उनका शक गांव के ही एक परिचित युवक पर गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से वह युवक भी अपने ठिकाने पर नहीं देखा गया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।परिवार का यह भी आरोप है कि महिला के गायब होने के साथ घर में रखे जेवरात और लगभग एक लाख रुपये नकद भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि महिला को योजनाबद्ध तरीके से अपने साथ ले जाया गया है। परिजनों ने महिला के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश के लिए उपलब्ध तथ्यों और मोबाइल की लोकेशन समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मॉकड्रिल : बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने का किया अभ्यास
Thu, Jun 11, 2026
प्रभावितों के लिए राहत शिविर, भोजन और पेयजल व्यवस्था का भी प्रदर्शन
उन्नाव। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को गंगा तट स्थित आनंद घाट पर व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड के नेतृत्व में विभिन्न विभागों ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी बाढ़ दल की टीमों ने मोटरबोट व अन्य उपकरणों की मदद से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया। बचाए गए लोगों को मिश्रा कॉलोनी में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाने और वहां उनकी व्यवस्था का भी प्रदर्शन किया गया। राहत शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीकरण काउंटर तथा पृथक आवासीय कक्ष बनाए गए थे। कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी दिखाई गई। अभ्यास के तहत नदी में नाव पलटने की काल्पनिक घटना का भी मंचन किया गया। इसमें डूब रहे ग्रामीणों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, अग्निशमन, चिकित्सा, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, पंचायती राज, जल निगम, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नागरिक सुरक्षा, एनसीसी, एनएसएस तथा आपदा मित्रों समेत कई विभागों ने भागीदारी की। एडीएम सुशील कुमार गोंड ने कहा कि आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से जनहानि को कम किया जा सकता है। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है।