आपातकालीन सेवा को मिला बूस्ट : उन्नाव पुलिस को मिले 21 नए डायल-112 वाहन
Thu, May 21, 2026
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन से वाहनों को दिखाई हरी झंडी
उन्नाव। जिले में आपातकालीन पुलिस सेवा को और तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए उन्नाव पुलिस को डायल-112 के तहत 21 नए वाहन मिले हैं। गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नए बेड़े में 13 मोटरसाइकिल और 8 चार पहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन वाहनों की तैनाती खास तौर पर गंगा एक्सप्रेसवे और संवेदनशील इलाकों में की जाएगी। एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक और सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब किसी दुर्घटना, झगड़े या अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस पहले से कम समय में मौके तक पहुंच सकेगी।अधिकारियों का कहना है कि बाइक पीआरवी उन क्षेत्रों में ज्यादा कारगर साबित होंगी जहां संकरी सड़कें या भीड़भाड़ वाले इलाके हैं, जबकि चार पहिया वाहन लंबी दूरी और हाईवे पेट्रोलिंग में इस्तेमाल किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निगरानी और गश्त व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने वाहनों का निरीक्षण किया और डायल-112 से जुड़े पुलिसकर्मियों को सतर्कता, त्वरित रिस्पॉन्स और आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर एएसपी अखिलेश सिंह, एएसपी शैलेन्द्र लाल, सीओ सोनम सिंह और सीओ विनी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि डायल-112 सेवा पुलिस और आम जनता के बीच सबसे तेज़ सहायता प्रणाली के रूप में काम कर रही है। नए वाहनों के जुड़ने से प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा और घटनास्थल तक पुलिस की पहुंच पहले से अधिक तेज़ हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में “गोल्डन ऑवर” बेहद अहम होता है और समय पर पुलिस पहुंचने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार नए वाहनों के शामिल होने के बाद अब जिले में डायल-112 वाहनों की कुल संख्या बढ़कर 85 हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक संसाधनों और मजबूत फील्ड नेटवर्क की मदद से कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा, साथ ही आम लोगों को भी सुरक्षा का बेहतर एहसास मिलेगा।
जमीन विवाद में खूनी संघर्ष : लोहे की रॉड से हमला, दो घायल
Thu, May 21, 2026
माखी थाना क्षेत्र के विजयखेड़ा रूपऊ गांव की घटना, पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ में जुटी
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र के विजयखेड़ा रूपऊ गांव में जमीन को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को हिंसक झड़प में बदल गया। पड़ोस में रहने वाले दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि इस दौरान लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक गांव निवासी नगेंद्र कुमार का अपने पड़ोस में रहने वाले रज्जन लाल और रोहित से काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई, फिर दोनों ओर से हाथापाई शुरू हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर एक पक्ष ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में नगेंद्र कुमार समेत दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए। गांव में अचानक हुए इस बवाल से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही माखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भीषण गर्मी में बिजली संकट पर फूटा गुस्सा : डीएम आवास से लेकर पावर हाउस तक प्रदर्शन
Thu, May 21, 2026
लो-वोल्टेज और कटौती से परेशान लोग सड़कों पर, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
उन्नाव। भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था अब लोगों के सब्र की सीमा पार करती दिख रही है। लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और घंटों बिजली गुल रहने से परेशान ग्रामीणों और शहरवासियों का गुस्सा बुधवार रात खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। जिले के अलग-अलग इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। सिकंदरपुर सरोसी द्वितीय क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य नीतू सिंह सेंगर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण सीधे जिलाधिकारी आवास पहुंच गए। देर रात हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने आरोप लगाया कि कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बदहाल हो चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि दिन में कई-कई घंटे बिजली गायब रहती है, जबकि रात में भी लगातार ट्रिपिंग और कटौती से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि पतारी, राजेपुर, पाठिका पुर, सिकंदरपुर सरोसी और थाना गांव समेत कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। गर्मी के चलते घरों में रहना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है, क्योंकि अधिकांश इलाकों में पानी की सप्लाई मोटरों पर निर्भर है। लोगों का आरोप था कि शिकायत के लिए फोन करने पर अधिकारी कॉल तक रिसीव नहीं करते। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। प्रदर्शन के दौरान नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की और चेतावनी दी कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य नीतू सिंह सेंगर ने कहा कि ग्रामीण लगातार बिजली संकट झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खराब ट्रांसफार्मरों व लाइनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों की ओर से करीब एक घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति सामान्य कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद लोग शांत हुए। उधर शहर के करोवन मोड़ स्थित मानस विहार कॉलोनी में भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनी के निवासियों ने कुन्दन रोड पावर हाउस पहुंचकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि बार-बार ट्रिपिंग और लंबे कटौती शेड्यूल से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। रात में बिजली गायब रहने से लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पावर हाउस पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने साफ कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में बिजली संकट अब लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, जमीन पर सुधार चाहिए।