अब आसान होगा सफर : सालों से बदहाल सड़क पर अब दौड़ेंगे वाहन
Mon, Oct 26, 2026
कब्बा खेड़ा पुलिया से किशोरी खेड़ा तक मार्ग का लोकार्पण
उन्नाव। शहर के कब्बा खेड़ा पुलिया से किशोरी खेड़ा को जोड़ने वाले मार्ग की सूरत बदल गई है। लंबे समय से खराब सड़क और जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। डामरीकरण का काम पूरा होने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने मार्ग का लोकार्पण किया।
खराब सड़क से होती थी परेशानी
इस मार्ग की हालत कई वर्षों से खराब थी। जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने और जलभराव के कारण राहगीरों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती थी। खासकर बारिश के दौरान रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में सड़क का डामरीकरण पूरा होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
श्वेता मिश्रा बोलीं, कामकाज में पारदर्शिता
पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि पालिका शहर की सफाई व्यवस्था और सड़क निर्माण को लेकर लगातार काम कर रही है। लखनऊ-कानपुर के बीच स्थित उन्नाव में विकास कार्यों का असर यहां से गुजरने वाले लोगों को भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पालिका के बजट, स्वीकृत सड़कों और विकास कार्यों का ब्योरा सोशल मीडिया पर साझा किया जाता है, ताकि शहरवासियों को खर्च की जानकारी मिले और कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे।
क्षेत्रवासियों से की मुलाकात
लोकार्पण के दौरान पालिका अध्यक्ष ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। कार्यक्रम में सभासद राजा यादव, उज्ज्वल यादव, रेखा दीक्षित, बालकृष्ण अवस्थी, चंदर वर्मा, अनूप यादव, आलोक भदौरिया, अजीत यादव, संदीप यादव समेत कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिलाओं और अन्य गणमान्य लोगों की भी भागीदारी रही।
खटई गांव से शुरू हुआ सफर : अयोध्या दर्शन को तीन बसों से रवाना हुए 200 बुजुर्ग
Mon, Oct 26, 2026
विधायक पंकज गुप्ता की पहल पर कराई जा रही तीर्थयात्रा
उन्नाव। सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के खटई गांव से सोमवार को 200 श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए रवाना हुए। तीन बसों से निकले इस जत्थे में बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल रहे। यात्रा के दौरान उनके अयोध्या पहुंचने और रामलला के दर्शन को लेकर उत्साह नजर आया। विधायक पंकज गुप्ता ने बसों को रवाना करने के साथ श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। विधायक पंकज गुप्ता की ओर से संचालित ‘श्रवण कुमार तीर्थाटन यात्रा’ के तहत बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की पहल की जा रही है। इस मौके पर विधायक ने कहा कि बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने से उन्हें खुशी मिलती है। माता-पिता के समान बुजुर्गों की सेवा और उनका सम्मान करना हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद क्षेत्र के अधिक से अधिक बुजुर्गों को तीर्थस्थलों तक पहुंचने का अवसर देना है। उन्होंने बुजुर्गों के आशीर्वाद को अपने लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को यह अवसर उपलब्ध कराना सेवा का काम है। यात्रा के जरिए बुजुर्गों के सम्मान और धार्मिक आस्था से जुड़े संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान मनोज रावत, राजकिशोर द्विवेदी, अश्वनी, आल्हा गायक रामलखन तिवारी, छोटे परिहार, विमल सिंह, अतुल सिंह, हरिगोबिन्द और रामनरेश मौर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
मिलावट पर कार्रवाई : लेकिन जांच का दायरा कितना?
Mon, Oct 26, 2026
छोटे दुकानदारों ने बड़ो पर उठाए सवाल, विभाग ने शहर में भी कार्रवाई का किया दावा
उन्नाव। खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की है। लेकिन विभाग की कार्रवाई को लेकर छोटे दुकानदारों के मन में सवाल हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान छोटी दुकानों पर तो टीम पहुंच जाती है, लेकिन शहर के बड़े प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कितनी हो रही है, यह भी सामने आना चाहिए। ऐसे में सवाल केवल नमूने लेने का नहीं, बल्कि जांच के दायरे और कार्रवाई में समानता का भी है। विभाग के अक्टूबर माह के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 30 प्रतिष्ठानों की जांच कर खाद्य सामग्री के 53 नमूने लिए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद अगर खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कुछ दुकानदारों को नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है।
नमूने लेने के बाद रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पता प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से चलेगा। ऐसे में अभियान की वास्तविक तस्वीर रिपोर्ट आने और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही साफ होगी। फिलहाल 53 नमूनों की जांच का नतीजा सामने आना बाकी है। यह भी अहम होगा कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
छोटे कारोबारियों को बराबरी की कार्रवाई का इंतजार
छोटे दुकानदारों का कहना है कि मिलावट पर रोक लगाने के लिए जांच सभी तरह के प्रतिष्ठानों में होनी चाहिए। उनका सवाल है कि यदि छोटे कारोबारियों की दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है तो बड़े प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि शहर के कुछ बड़े प्रतिष्ठानों पर भी मिलावट की आशंका है, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई दिखाई नहीं देती। हालांकि, बड़े प्रतिष्ठानों को जानबूझकर छूट दिए जाने या विभागीय सांठगांठ के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों की सच्चाई जांच के रिकॉर्ड और कार्रवाई के ब्योरे से ही स्पष्ट हो सकती है।
विभाग बोला- शहर में भी हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेंद्र दीक्षित के मुताबिक, आठ अक्टूबर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शहर में भी कई दुकानों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अन्य दुकानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। अब विभाग के सामने चुनौती केवल अभियान चलाने की नहीं, बल्कि यह भरोसा कायम करने की भी है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में दुकान का आकार देखकर कार्रवाई तय नहीं होती। जांच में पारदर्शिता, नमूनों की रिपोर्ट और मानक पूरे नहीं करने वालों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा सामने आने से ही मिलावट के खिलाफ अभियान की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सकेगा।